कांग्रेस के रणनीतिकारों ने अपने पदाधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि संघर्ष से पैदा हुई सहानुभूति पार्टी के पक्ष में हवा बनती हुई तभी दिखेगी, जब हर गांव और मोहल्ले में हमारा संगठन होगा। अनियोजित या निष्क्रिय संगठन चुनाव में सफलता नहीं दिला सकता। इसलिए एक आंदोलन से दूसरे आंदोलन के बीच मिलने पर ब्रेक में घर पर नहीं बैठना है। बल्कि, ग्राम स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। न सिर्फ टीम खड़ी करनी है, बल्कि उसे सक्रिय भी करना है।