मुरादाबाद के कांठ में कांग्रेस और भाजपा के आमने सामने होने से बड़े सियासी संग्राम की उम्मीद लगाई जा रही थी लेकिन कांग्रेसी सिर्फ आधे घंटे ही भाजपाइयों के सामने टिक सके।
जी हां, शनिवार को कांठ में आयोजित हुआ कांग्रेस का शांतिमार्च जहां आधे घंटे में ही समाप्त हो गया, वहीं भाजपाइयों ने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया।
12:45 पर कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कार्यालय से निकले। इसी समय पर रीता जोशी बहुगुणा को हिरासत में ले लिया गया। जिला कार्यालय से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कांठ रोड की ओर से बढ़े।
पीली कोठी से थोड़ा आगे निकलते ही उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया। सवा बजे सभी पुलिस लाइन में जाने के साथ ही मार्च समाप्त हो गया।
बिखरे दिखाई दिए कांग्रेसी
कांग्रेस के शांति मार्च के नेतृत्व को लेकर बिखराव दिखाई दिया। वरिष्ठ नेताओं के गाजियाबाद में रोके जाने के बाद सभी कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर इकट्ठा हुए।
कुछ कार्यकर्ता रीता जोशी बहुगुणा के साथ थे। वहीं कार्यकर्ताओं को जिला कार्यालय से उल्टे रास्ते पर ले जाने की बात कहते हुए सीधे कांठ की ओर रुख कर लिया गया।
हालांकि पाबंदी के बावजूद कांग्रेसियों ने शहर में शांतिमार्च निकाला। पीलीकोठी पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को रोक लिया। तीन घंटे पुलिस लाइन में रखने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
उधर सुबह पांच बजे शहर में पहुंची कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को एक कांग्रेसी के घर में नजरबंद कर दिया गया।
जिला प्रशासन ने नहीं दी अनुमति
जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने हर हाल में शांति मार्च निकालने की घोषणा की थी।
सुबह पांच बजे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता जोशी बहुगुणा मुरादाबाद पहुंच गईं। स्टेशन से पुलिस की निगरानी में उन्हें कांग्रेस नेता रवि अरोड़ा के घर छोड़ा गया।
सुबह से ही कांग्रेसी वहां इकट्ठा होने लगे। हालांकि कार्यकर्ताओं से पहले जीरो प्वाइंट पाकबड़ा पर इकट्ठा होने का आह्वान किया गया था।
प्रदेश्ा अध्यक्ष भी नहीं पहुंच सके
प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री और प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को गाजियाबाद में ही रोक दिए जाने के बाद अंतिम समय में रणनीति बदलनी पड़ी।
जिले भर से इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं को जिला कार्यालय पर बुला लिया गया। जबकि रीता जोशी बहुगुणा को रवि अरोड़ा के घर से पचास कदम आगे बढ़ते ही रोक दिया गया। वहां से उसे उन्हें पुलिस की बंद गाड़ी में पुलिस लाइन लाया गया।
वहीं जिला कार्यालय से निकले शांतिमार्च को पीली कोठी पर रोक दिया गया। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन ले जाया गया। पुलिस लाइन में करीब तीन घंटे बैठाने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
माहौल बिगाड़ना चाहती है भाजपा
हालांकि सियासी ड्रामे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता जोशी बहुगुणा ने भाजपाइयों पर हमला करते हुए पत्रकार वार्ता में सारा दोष भाजपा के सिर मढ़ा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दे भाजपा ने अपने फायदे के लिए जानबूझकर तूल दिया। इससे भाजपा का सांप्रदायिक चेहरा सबके सामने आ गया। कांग्रेस का शांति मार्च कांठ में आपसी भाईचारा बनाने के लिए है।