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अमेठी: 2019 में हार के बाद पहली बार पहुंचे राहुल, बोले- यह मेरा घर है, यहां से मुझे कोई नहीं निकाल सकता

Sat, 18 Dec 2021 07:07 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पद यात्रा में शामिल होने के लिए अमेठी के दौरे पर हैं। उनके साथ प्रदेश महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। राहुल को ढाई साल बाद अपने बीच पाकर कांग्रेसी उत्साहित हैं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी अमेठी में। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी भाजपा हटाओ महंगाई भगाओ पद यात्रा में भाग लेने के लिए अमेठी पहुंच चुके हैं। उनके साथ कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा भी हैं। राहुल के आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ता भी उत्साहित नजर आए। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले प्रियंका मेरे पास आई और उसने मुझसे कहा कि लखनऊ चलो। मैंने उससे कहा कि लखनऊ जाने से पहले मैं अपने घर जाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अमेठी मेरा घर है। मुझे यहां से कोई अलग नहीं कर सकता है।

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2004 में मैं राजनीति में आया और पहला चुनाव मैं यहां लड़ा था और आपने मुझे राजनीति सिखाई मैं आपको धन्यवाद देता हूं। आज देश के सामने दो सबसे बड़े सवाल हैं बेरोजगारी और महंगाई। इन सवालों का जवाब न मुख्यमंत्री देते हैं ना प्रधानमंत्री।

राहुल गांधी ने कहा कि अभी आपने कुछ दिनों पहले देखा होगा कि प्रधानमंत्री गंगाजी में स्नान कर रहे थे। मगर प्रधानमंत्री देश को यह नहीं कह सकते कि देश में रोजगार क्यों नहीं पैदा हो रहे हैं? रोजगार खत्म क्यों हो गए हैं? हमारे देश के युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल पा रहा है?
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दूसरा सवाल है कि इतनी तेजी से महंगाई क्यों बढ़ती जा रही है? नरेंद्र मोदी इन सवालों का जवाब आपको नहीं देंगे इसलिए मैं आपको इसका जवाब दे रहा हूं। भाइयों और बहनों, इस देश को छोटे बिजनेस वाले मिडिल क्लास दुकानदार रोजगार देते हैं। उस पर नरेंद्र मोदी ने पहले आंख बंद कर नोटबंदी कर हमला कर दिया। फिर जीएसटी लागू कर दी। इसके बाद कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने के बाद कोई सहायता न देकर की है। इसलिए देश में महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने दो तीन पूंजीपति मित्रों के हवाले सबकुछ कर रखा है। नरेंद्र मोदी काले कृषि कानून कानून लाए और एक साल बाद माफी मांगते हुए कानून वापस ले लिए। देश की सुरक्षा खतरे में हैं चीन भारत के प्रदेश में गांव बसा रहा है और मोदी जी चुप हैं। राहुल गांधी ने अमेठी में भाजपा हटाओ महंगाई भगाओ पद यात्रा में भाग लिया और जनसभा को भी संबोधित किया।

हर चुनौती का सामना बिना डरे हुए करता है हिंदू
राहुल गांधी ने स्वयं को हिंदू व पीएम मोदी को हिंदुत्ववादी बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म की बात होती है। लोगों से पूछा कि हिंदू क्या होता है ? क्या हिंदू झूठा होता है? हिंदू का मतलब वह व्यक्ति जो पूरी जिंदगी सच्चाई की राह पर चलता है। जो डर के सामने सिर नहीं झुकाता। जो अपने डर को क्रोध और नफरत में नहीं बदलता। वह हिंदू है। इसके सबसे बेहतर उदाहरण महात्मा गांधी हैं। पूरी जिंदगी सच को समझने में लगा दी। किताब लिखी माई एक्सपेरीमेंट विद ट्रुथ। इसीलिए देश ने उन्हें महात्मा कहा। हिंदू कहा। नाथूराम गोड्से हिंदुत्ववादी था। उसे किसी ने महात्मा नहीं कहा। नाथूराम ने हिंदू की छाती में तीन गोली मारी। सच बोलने वाले को गोली मारी। नाथूराम कमजोर था। कायर था। डर का सामना नहीं कर सका।
राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री) जब छोटे थे तो मगरमच्छ से लड़े थे। लेकिन मुझे लग रहा था कि उन्हें तैरना नहीं आता। मुश्किल से हाथ फैलाकर इसकी कोशिश कर रहे थे।
 

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प्रियंका गांधी ने अमेठी में दी रिश्तों की दुहाई

राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने भी पीएम मोदी को ही निशाने पर रखा। कहा कि वे आठ हजार करोड़ रुपये के जहाज से टहलकर नौटंकी करते हैं। प्रियंका ने अमेठी के लोगों से अपने परिवार के रिश्तों पर भी विस्तार से चर्चा की। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मैं 13 साल की थी। जब पहली बार पिता के साथ अमेठी आई थी। जीप में बैठकर जाती थी। आपसे बात करती थी। अब कुछ ही दिनों में 50 साल की होने वाली हूं। आपने भी रिश्ता निभाया और मैंने भी। मुझे कोई शिकवा नहीं, परिस्थितियां ही ऐसी बनीं। आप भी सीखे हम भी। पिछले चुनाव में यहां एक झूठ का जाल फैलाया गया। किसने फैलाया..?

उन्होंने.. जो साढ़े सात सालों से झूठ फैला रहे। अमेठी में ही नहीं, पूरे देश में फैला रहे। सीएम योगी पर तंज कसा कहा ढाई सालों में क्या हुआ? सबसे पहले कोरोना की पहली लहर आई। अमेठी के लोग अन्य प्रदेश में फंसे थे, अमेठी रायबरेली के लोगों के फोन आते थे। तब लोग रो-रोकर कहते थे घर पहुंचा दें। अमेठी सांसद को आड़े हाथों लिया। कहा कि तब कहां थीं आपकी सांसद, बीजेपी कहां थी?। मदद के लिए हमने बसें दी, सरकार ने ठुकरा दिया। दूसरी लहर आई, हम ऑक्सीजन भेजने को तैयार थे। हमारा ट्रक नहीं आने दिया, क्यों? किसी को मालूम ना हो कि कांग्रेस भेज रही है। बड़ी मुश्किल से रायबरेली में हमारे सिलेंडर लिए गए। कोरोना के बाद किसान परेशान थे। मैं ललितपुर गई वहां लाइन में खड़े लोग मर रहे हैं, सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिल रही थी। प्राइवेट में खाद मिल रही थी।

उन्होंने लोगों से पूछा लखीमपुर में किसानों को किसने मारा? फिर कहा मंच पर वो किसके साथ खड़ा हो रहा, किसने उसे मंच से नहीं हटाया। बोलीं आपमें विवेक है और बहुत है। ऐसी सरकार ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए, आठ हजार करोड़ के जहाज में उड़कर वाराणसी में नौटंकी करने आ सकते हैं, आपको महंगाई से निजात नहीं दे सकते? उन्होंने कहा कि आज संघर्ष कौन कर रहा। मोदी के दोस्त नहीं कर रहे। बड़ी बड़ी कंपनी जो कांग्रेस ने लगाई, वो मोदी के बडे़ दोस्तों को बेची जा रही हैं। बदल डालिए यह सरकार।
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