फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी राम की शरण में तो कांग्रेस आयोग की

Tue, 06 May 2014 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
रैली में मोदी के मंच लगी राम की तस्वीर और मंदिर के मॉडल पर सियासत गर्म होती जा रही है, जिसके बाद पार्टी ने मोदी की रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
विज्ञापन


कांग्रेस को फैजाबाद की चुनावी सभा में नरेंद्र मोदी के मंच पर भगवान राम की तस्वीर और अयोध्या में प्रस्तावित मंदिर का मॉडल बेहद गुजरा।

चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करते हुए मोदी की यूपी में चुनावी रैलियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस मामले में आयोग ने फैजाबाद के जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
 
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सोमवार को फैजाबाद में एक चुनावी जनसभा थी। इस दौरान मंच पर भगवान राम और अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के मॉडल की बड़ी तस्वीर लगाई गई थी।
विज्ञापन

आयोग से की शिकायत

फैजाबाद में मोदी ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, कांग्रेस ने चुनाव आयोग में आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर डाली।

पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने लिखित शिकायत में कहा कि भाजपा अपनी हार को देखकर अपने पुराने सांप्रदायिक ढर्रे पर उतर आई है।

उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर कथित गुजरात मॉडल यूपी में कारगर साबित न होते देख भाजपा ने फैजाबाद की रैली में मंच पर राम की तस्वीर व प्रस्तावित मंदिर का मॉडल लगाकर अपने एजेंडे को साफ कर दिया है।

त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव प्रचार में धार्मिक प्रतीकों काइस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यह खुले तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है। इससे सूबे में सांप्रदायिकता फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन

आयोग ने मांगी सीडी

कांग्रेस ने मांग की है कि सूबे में नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार करने पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।  

फैजाबाद प्रशासन ने सभास्थल की कराई वीडियोग्राफी
कांग्रेस से शिकायत मिलते ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने फैजाबाद के डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी से नरेंद्र मोदी के मंच की वीडियो क्लिपिंग और उनके भाषण की सीडी तलब कर ली।

आयोग के हरकत में आते ही फैजाबाद जिला प्रशासन भी चौकन्ना हो गया और आनन-फानन में वीडियोग्राफी टीम को सभास्थल की रिकार्डिंग कराई गई।

जिला प्रशासन की रिपोर्ट, वीडियो क्लिपिंग और भाषण की सीडी मिलने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी इसे आयोग को भेजेंगे। आयोग पूरे मामले का परीक्षण करने के बाद अपना फैसला सुनाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें