बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव आयोग से भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह और सपा नेता अबू आजमी के यूपी में प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग की है।
बसपा अध्यक्ष ने आजमगढ़ को आतंक का गढ़ कहने के लिए शाह और सपा को वोट न देने वाले मुस्लिमों का डीएनए टेस्ट कराने की बात करने वाले आजमी के बयान की निंदा करते हुए यह मांग की।
सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब मायावती ने कहा कि आजमगढ़ जिले में सबसे बड़ा आतंकवादी कोई है तो वह है भाजपा प्रत्याशी रमाकांत यादव और उसका भाई उमाकांत।
बसपा ने की कार्रवाई
इनके आतंक की वजह से ही बसपा ने रमाकांत को पार्टी से निकाला और उमाकांत को बसपा सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर गिरफ्तार करवाया था।
इन दोनों के आतंक से वहां के लोग भयभीत रहते हैं। मायावती ने कहा कि इस तरह का बयान देकर शाह ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इससे पूर्वांचल में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। आयोग को शाह के यूपी में प्रवेश पर पाबंदी लगानी चाहिए।
मायावती ने कहा कि आजमगढ़ में चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, यदि कुछ गिने-चुने लोगों ने गलत काम किया है तो पूरे समाज को आतंकवादी नहीं कहा जा सकता। यदि शाह का यही पैमाना है तो गुजरात को सांप्रदायिकतावाद का गढ़ कहा जाना चाहिए।
मायावती ने मुसलमानों के संबंध में सपा नेता अबू आजमी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि आजमी के इस बयान से मुस्लिम समाज में जबरदस्त आक्रोश है।
अधिक सुरक्षाबल तैनात हों
भाजपा के बाद बसपा अध्यक्ष ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर असंतोष जताया है। मायावती ने कहा कि अब तक प्रदेश में चार चरणों के चुनाव संतोषजनक नहीं रहे हैं।
ऐसे में बीतें चरणों में जो खामियां सामने आई हैं आयोग को आगे के चरणों में उसकी पुनरावृत्ति रोकनी होगी।
आयोग को आगे के दोनों चरणों के लिए केंद्रीय सुरक्षाबल के जवानों की तैनाती करनी चाहिए।
पोलिंग बूथों पर यूपी पुलिस को दूर रखा जाए। आजमगढ़ में निष्पक्ष चुनाव का खास बंदोबस्त होना चाहिए।
मुलायम मुस्लिमों के हितैषी नहीं
मायावती ने मुसलमानों व अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को आगाह किया है कि वे विपक्षियों के हथकंडों से सावधान रहें।
कहा कि विरोधी पार्टियां, खासकर सपा उनके बारे में या कांशीराम के बारे में मुस्लिम समाज या अपरकास्ट के संबंध में पुरानी बातें तोड़-मरोड़ कर रख सकती है।
भाजपा के साथ सरकार बनाने के समय हुई बात व जनसभाओं के भाषणों से छेड़छाड़ कर गलत सीडी या फिल्म बनवाकर मुस्लिमों को गुमराह करने के लिए उनके बीच बंटवा सकती है।
उन्होंने मुसलमानों को खासतौर से आगाह किया कि सपा ने अयोध्या में ढांचे को गिरवाने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और उन्हें सांसद बनवाया। ऐसे में मुलायम मुसलमानों के हितैषी कभी नहीं हो सकते।
भाजपा को किया आगाह
मायावती ने भाजपा व सपा नेताओं को आगाह किया कि अयोध्या के विवादित स्थल के बारे में कोई ऐसी आपत्तिजनक बयानबाजी न करें जिससे देश का सांप्रदायिक माहौल खराब हो।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सोमवार को भाजपा व सपा के महारथी फैजाबाद में हैं। दोनों महारथियों को इतिहास व तथ्यों की सही जानकारी नहीं है।
ऐसे में इन्हें आगाह करना जरूरी हो गया है। सभी को बसपा की तरह इस मामले में कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए।