खाताधारकों को सबसे ज्यादा शिकायतें मोबाइल बैंकिंग से है। चिंताजनक बात ये है कि हर वर्ष इसमें इजाफा हो रहा है। वर्ष 2022 से 2024 के बीच शिकायतों की संख्या 39 हजार से बढ़कर 54 हजार हो गई हैं। इससे भी ज्यादा मामले लोन को लेकर हैं। बैंक टारगेट पूरा करने के दबाव में लोन और एडवांस देने में शर्तें छिपा रहे हैं। तीन वर्ष में लोन संबंधी शिकायतों के मामले ढाई गुना बढ़े हैं। इस अवधि में शिकायतें 24 हजार से बढ़कर 54 हजार से भी ज्यादा हो गईं। जमा खातों के संचालन और नए खातों की शिकायतें भी करीब तीन गुना बढ़ी हैं। यहां भी बैंकों पर नए खाते खोलने का दबाव है। ज्यादातर मामलों में जीरो बैलेंस बताकर खाते खुलवाए गए, लेकिन एक वर्ष बाद ही न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनाल्टी ने ग्राहकों को नाराज कर दिया। इसी का परिणाम है कि तीन वर्ष में ये संख्या 16 हजार से बढ़कर 46 हजार हो गई है।