सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ट्रेन पर सख्ती के बाद तस्करों ने अब सड़क मार्ग को अपनाया है। चीन से सोना पहले नेपाल और फिर वहां से महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती के रास्ते पर्यटक परमिट के नाम पर चलने वाली अवैध लग्जरी बसों और ट्रेवलर से भारत में दाखिल हो रहा है।
सीमावर्ती जिलों से पंजाब, चंडीगढ़, गुजरात, राजस्थान, हैदराबाद व गोवा के लिए चलने वाले अवैध वाहनों को तस्करों ने माध्यम बना लिया है। इस रूट से तस्करों को एक किलो सोना में करीब 14.48 लाख का मुनाफा हो रहा है।
आंकड़ों में हाल
- राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अनुसार भारत में वित्तीय वर्ष 2024 में 4,869.6 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त किया गया। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल से हर साल करीब 10 टन सोने की तस्करी भारत में की जाती है।
- तस्करी के सोने की शुद्धता 99.9 फीसदी होती है। इसकी बाजार में शुद्धता उच्चतम स्तर पर मानी जाती है।
एक्सपर्ट कमेंट: पूर्व आईबी अधिकारी संतोष सिंह बताते हैं कि काठमांडू और पोखरा सहित नेपाल के विभिन्न शहरों से चलने वाली बसें दूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग कर रही हैं। ये बसें सोनौली व रुपईडीहा बॉर्डर से होकर दिल्ली तक नियमित यात्री सेवा चला रही हैं। टूरिस्ट परमिट केवल पर्यटन गतिविधियों के लिए जारी किया जाता है। तस्करी में इनके भी उपयोग की सूचना पूर्व में मिल चुकी है।