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अब लोक मंगल दिवस का भी होगा शिकायत पोर्टल, लापरवाही नहीं कर सकेंगे अफसर

Mon, 11 Feb 2019 01:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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नगर निगम और जलकल विभाग से जुड़ी जनसमस्याओं की सुनवाई और उनके निस्तारण के लिए महापौर द्वारा शुरू की गई लोक मंगल दिवस की योजना को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस की तरह ऑनलाइन किया जा रहा है।

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इसको लेकर यूपी इलेक्ट्रानिक्स विभाग ने ई-लोक मंगल नाम से पोर्टल तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इसके चालू होने के बाद शिकायतकर्ता किसी भी समय अपनी शिकायत के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी लापरवाही नही कर पाएंगे। उनको निस्तारण की रिपोर्ट फोटो के साथ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

शहरवासियों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए नगर निगम के अफसरों तक दौड़ न लगानी पड़े, बल्कि अफसर खुद उनके क्षेत्र में पहुंचे में पहुंचें, इसके लिए महापौर ने करीब आठ माह पहले लोक मंगल दिवस की शुरुआत की थी। योजना के तहत नगर निगम के सभी आठ जोन तक पहुंच बनाने के माह के प्रत्येक मंगलवार को दो जोन में लोक मंगल दिवस आयोजित होता है।
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इसमें खुद महापौर भी शामिल होती हैं और नगर निगम व जलनिगम अफसरों के साथ जनता की समस्याएं समस्या सुनती हैं। जिस जोन में लोक मंगल दिवस होता है उस दिन महापौर उससे पहले के लोक मंगल दिवस की शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट भी लेती हैं।

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हर शिकायत का होगा नंबर, आसानी से होगी जांच

कई बार शिकायतकर्ता को फोन कर यह जांच भी करती हैं कि समस्या दूर हुई कि नहीं। इसमें कई बार नगर निगम कर्मचारियों का झूठ भी पकड़ा गया। इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। अफसरों की इस चालाकी पर शिकंजा कसने और शिकायतकर्ता को किसी भी वक्त उसकी शिकायत की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अब महापौर ने लोक मंगल दिवस को ऑनलाइन करने की तैयारी की है। इसके लिए ई-पोर्टल बनाने का काम शुरू हुआ है।

महापौर संयुक्ता भाटिया का कहना है कि जब लोक मंगल दिवस की शिकायतों का सिस्टम ऑनलाइन हो जाएगा तो हर शिकायतकर्ता को एक नंबर मिल जाएगा। उसके मोबाइल पर मेसेज चला जाएगा, जिस पर ई-लोक मंगल का लिंक रहेगा।

लिंक पर क्लिक कर शिकायतकर्ता कभी भी अपनी शिकायत के बारे में जानकारी कर सकेगा कि उसकी शिकायत किस स्तर पर है और उसका क्या हुआ। शिकायतकर्ता यदि निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो वह उस पर आपत्ति भी दर्ज कर सकेगा। हर शिकायत का तय समय में निस्तारण होगा। शिकायत किस स्तर पर कितने दिन लंबित रही, इसका भी पता चल जाएगा। इससे संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी आसानी से तय की जा सकेगी।
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