प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल तथा निलंबित आईपीएस अफसर की मानहानि के आरोपों को लेकर परिवाद दायर किया गया है।
निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर करके बताया कि समाचार पत्रों में छपी खबर से उन्हें पता चला कि आजम खां ने उनके लिए बेहूदा व छिछोरे शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि अमिताभ को जेल में होना चाहिए।
यही नहीं, उन्हें प्रशासनिक अधिकारी के नाम पर कलंक बताते हुए कहा कि वह रामपुर आकर दंगा भड़काना चाहते हैं।
जब आजम को पता चला कि परिवादी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होना चाहता है तो उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा कि संघ के लोग समलैंगिक होते हैं, इसलिए विवाह नहीं करते।
सीजेएम हितेंद्र हरि ने परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय की है।