सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सूबे की राजनीति से विपक्षी दल अप्रासंगिक होते जा रहे हैं।
विपक्ष को सरकार के खिलाफ जब कोई मुद्दा नहीं मिल रहा तो वे पुराने मुद्दे दोहराने में लगे हैं।
प्रदेश के लोग जान गए हैं कि विपक्ष की भूमिका केवल नकारात्मक विरोध की रह गई है।
प्रदेश से भाजपा के 73 सांसद और दर्जनभर मंत्री हैं लेकिन, इनकी भूमिका प्रदेश के विकास में शून्य है।
किसानों को राहत देने, बिजली उत्पादन बढ़ाने, सूखे से निपटने के लिए सहायता देने, लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और राष्ट्रीय राजमार्गों के सुधार की मुख्यमंत्री की मांग पर भाजपा सांसदों व मंत्रियों ने उनके समर्थन में कोई आवाज नहीं उठाई।
जबकि बसपा समाजवादी सरकार बनने के पहले दिन से ही राष्ट्रपति शासन की मांग कर रही है।