एसजीपीजीआई में बांदा के पूर्व भाजपा सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के बेटे प्रकाश मिश्र के इलाज में लापरवाही की गई थी। संस्थान में बनी तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की है। समिति ने सोमवार देर रात रिपोर्ट निदेशक प्रो. आरके धीमन को सौंप दी। मामले में इमरजेंसी के मेडिकल ऑफिसर को कार्यमुक्त करने के बाद दो कर्मचारियों का कार्यस्थल बदल दिया गया है।
एसजीपीजीआई में रविवार को इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में गंभीर अवस्था में प्रकाश मिश्र को लाया गया था। यहां की इमरजेंसी में इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई थी। अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एसजीपीजीआई प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। इसने अपनी रिपोर्ट में लापरवाही की बात मानी है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर संबंधित इमरजेंसी के मेडिकल ऑफिसर चंद्रशेखर बाजपेयी को पहले ही कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके अलावा दो कर्मचारियों का कार्यस्थल बदल दिया गया है।
ये भी पढ़ें - अगले सत्र से शुरू होंगे 14 नए मेडिकल कॉलेज, एक साथ बढ़ीं 1400 सीटें तो बनेगा नया रिकॉर्ड
ये भी पढ़ें - लखनऊ में कम होने का नाम नहीं ले रहे डेंगू के मामले, 36 और मरीज मिले, अब तक एक मौत कुल 1700 केस मिले
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई रिपोर्ट
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि जांच रिपोर्ट की कॉपी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भेज दी गई है। इसके साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी कॉपी भेजी गई है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से ही तैनात हैं, इसलिए आगे की कार्रवाई उसे ही करनी है।