मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की सेमीकंडक्टर नीति तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक में सेमीकंडक्टर की बड़ी भूमिका है। वैश्विक सेमीकंडक्टर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यूपी की नीति में वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान होना चाहिए। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश में तीसरा राज्य होगा।
उन्होंने कहा कि नई नीति में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित पूंजीगत उपादान पर अतिरिक्त पूंजी उपादान भी दिया जाएगा। भूमि की खरीद व पट्टे पर स्टाम्प शुल्क में छूट होगी। विद्युत शुल्क में छूट, नेट एसजी-एसटी प्रतिपूर्ति, दोहरी पावर ग्रिड नेटवर्क ट्रांसमिशन और व्हीलिंग शुल्क, कौशल विकास और प्रशिक्षण, पेटेंट, जलापूर्ति, पॉवर बैकिंग तथा अनुसंधान एवं विकास सहायता के लिए नीति में साफ-साफ प्रावधान होंगे।
अनुमान के मुताबिक वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का वित्तीय वर्ष 2022 में राजस्व 950 अरब डालर से अधिक का है। कहा कि सेमीकंडक्टर चिप सेक्टर ने दो वर्षों से 500 अरब डालर से अधिक निवेश करने की घोषणा की है। विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने फैब इकाइयों के स्थापना का एलान किया है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रोत्साहन परिव्यय देने का निर्णय लिया है। हमें भी ऐसा परिवेश तैयार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब्स, कंपाउंड सेमीकंडक्टर के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार को इस संबंध में अपनी आकर्षक नीति घोषित करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने नीति तैयार करते समय अन्य राज्यों की नीतियों का आंकलन करने के भी निर्देश दिए।