प्रदेश में मतदान से 10 दिन पहले शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नई रणनीति बनाई गई है। अब तक करीब 90 फीसदी लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। इसी तरह 24 लाख से अधिक किशोरों को पहला टीका दिया जा चुका है।
प्रदेश में शत प्रतिशत टीकाकरण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मतदान तिथि के 10 दिन पहले तक संबंधित जनपद में सभी का टीकाकरण करने का निर्देश दिया गया है। घोषित निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिस जिले में पहले मतदान होना है, वहां अतिरिक्त वैक्सीनेशन सेंटर और वैक्सीनेटर लगाए जाएंगे। सोमवार को टीम 9 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत टीकाकरण कार्य को तेज करने की जरूरत है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध रूप से जिलों को चिन्हित करते हुए शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य तय किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान तिथि के 10 दिवस पहले तक संबंधित जिले के हर एक नागरिक को टीका कवर मिलना सुनिश्चित किया जाए। सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा नई रणनीति के साथ टीकाकरण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। बैठक में ट्रेसिंग और टेस्टिंग पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बसए, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर हर एक यात्री की गहनता से जांच की जाए। लक्षणयुक्त लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाए। संक्रमण न फैले इसके लिए कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे बाहर से आ रहे लक्षणयुक्त लोगों को संस्थागत आइसोलेशन में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने इनके लिए क्वारन्टीन सेंटर, भोजन और समुचित उपचार की पुख्ता व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
अब तक 21 करोड़ 57 लाख से अधिक टीकाकरण
प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 90 फीसदी लोगों को कोविड टीके की पहली डोज लग गई है, जबकि 54 फीसदी लोग दोनों डोज पा चुके हैं। सोमवार को 17 लाख 72 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। प्रदेश में अब तक 21 करोड़ 57 लाख से अधिक टीकाकरण किया गया है। इसमें 13 करोड़ 58 लाख लोगों को पहली और सात करोड़ 98 लाख लोगों को दोनों डोज लग चुकी है।
28 हजार को लोगों को प्री कॉशन डोज
सोमवार से कोरोना वॉरियर्स, हेल्थकेयर व फ्ंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के को मॉर्बीडिटी वाले लोगों को प्री.कॉशन डोज देने का काम भी शुरू हो गया। पहले दिन करीब 28 हजार लोगों को प्री.कॉशन डोज दी गई।
निगरानी समितियों का पुनर्गठन, गांव-गांव संभालेंगी कमान
शासन ने कोविड महामारी से बचाव व उपचार के लिए गठित निगरानी समितियों का पुनर्गठन कर दिया है। अब ये समितियां कोविड पॉजिटिव व्यक्ति को मेडिकल किट का वितरण, कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के क्वारंटाइन व होम आइसोलेशन की निगरानी जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर गठित निगरानी समितियों द्वारा पूर्व में कोविड-19 के नियंत्रण व उपचार में प्रभावी कार्यवाही की गई है।
इस बीच प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। ऐसे में निगरानी समितियों का पुनर्गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि निगरानी समितियां बाहर से आने वाले व्यक्तियों व ग्राम में कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों का थर्मल स्कैनिंग व पल्स आक्सीमीटर से स्क्रीनिंग व सैनीटेशन व सेनेटाइजेशन की कार्यवाही करेंगी।
निगरानी समितियों में ये शामिल
ग्राम प्रधान-अध्यक्ष। पंचायत सहायक-सदस्य सचिव। सदस्य- ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत की समस्त आशा कार्यकर्ता, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, समस्त राशन लीडर, ग्राम पंचायत का लेखपाल, ग्राम पंचायत रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत स्वच्छाग्रही, युवक मंगल दल के सभी सदस्य, ग्राम पंचायत का चौकीदार।