मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड अथवा नॉन कोविड मरीज की मृत्यु होने पर प्रमाण पत्र के लिए परिजनों को किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस व्यवस्था को दुरुस्त कराएं। सीएम मंगलार को लोकभवन में उच्च स्तरीय बैठक में कोविड नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए किसी तरह की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पुख्ता व्यवस्था बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी रणनीति और निरंतर प्रयासों से प्रदेश में कोविड संक्रमण नियंत्रित स्थिति में है। इसलिए बचाव की पुख्ता रणनीति बनाई जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक स्वीकृत 552 ऑक्सीजन संयंत्रों में से 275 ऑक्सीजन संयंत्र क्रियाशील हो गए हैं।
सदन में जाने से पहले होगी जांच
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 17 अगस्त से प्रारम्भ हो रहे राज्य विधान मंडल सत्र के मद्देनजर सदस्यों तथा कार्मिकों के कोविड टेस्ट की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को पुख्ता रणनीति बनाने का निर्देश दिया। सदन में जाने से पहले सभी की कोविड जांच अवश्य की जाए।
जमाखोरों के खिलाफ चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्य वस्तुओं के स्टॉकिस्ट निर्धारित सीमा तक ही वस्तुओं को संग्रहीत करें। यदि तय सीमा से अधिक खाद्य वस्तुओं का संग्रहण किया जाता है तो ऐसे जमाखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गौ-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। प्रत्येक गौ-आश्रय स्थल की एक पशु चिकित्सा अधिकारी व एक राजस्व अधिकारी द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाए।