सीएम योगी ने स्टडी और रिसर्च पर जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में स्टडी कारगर है। अलग अलग जनपद के, अलग-अलग प्रदेश के, रेंज वाइज, जोनल वाइज, हमें देखना चाहिए कि किस तरह के अपराध की प्रवृति है। हमारे प्रदेश में 75 जनपद हैं और सभी जनपदों में किस तरह के अपराध ज्यादा होते हैं, किस क्षेत्र में किस प्रवृति के अपराधों की अधिकता है और उसे नियंत्रित करने के लिए उस प्रकार के लोगों की भी तैनाती की जानी चाहिए। इसको अभियान के रूप में लें तो परिणाम वैसा ही होगा, जैसा लॉ एंड ऑर्डर के रूप में देखने को मिला है। यूपी में आज शांति है, कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि कोई भी वर्ल्ड क्लास इंस्टीट्यूट स्टडी से, रिसर्च से अपने को ग्रूम करता है तो अपने आगे बढ़ने की संभावनाओं को बढ़ा देता है। इस फील्ड में एआई और मशीन लर्निंग का पाठ्यक्रम संचालित होगा तो आप देखेंगे कि कैसे बैठे-बैठे पूरी व्यवस्था को आप वॉच कर सकते हैं। न्यू एज कोर्सेज आपके पास आएंगे। इन सारी चीजों की शुरुआत होने के बाद लोगों को लगेगा कि यह काम बहुत पहले होना चाहिए था। इन चीजों पर हमें 10 वर्ष पहले सोचना चाहिए था, लेकिन देर आए दुरुस्त आए।
रूल ऑफ लॉ और गुड गवर्नेंस को बनाए रखने में निभाएंगे भूमिका
सीएम योगी ने कहा कि आने वाले समय में सिविल पुलिस की अपनी भूमिका होगी लेकिन उस भूमिका के साथ आपकी भूमिका को कोई नकार नहीं पाएगा। आपके बगैर उनकी भूमिका अधूरी होगी। यह रूल ऑफ लॉ और गुड गवर्नेंस को बनाए रखने के लिए आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए आप लोग खुद को सौभाग्यशाली मानें कि इस संस्थान के फर्स्ट बैच से आप अपने करियर की शुरुआत करने जा रहे हैं। विश्वास है कि आप सभी लोग संस्थान के अनुशासन को मानते हैं। फोर्स में एक बात कही जाती है कि ट्रेनिंग के दौरान जितना परिश्रम करके पसीना बहाएगा उतना ही युद्धभूमि में उसे खून बहाने की नौबत नहीं आएगी। यानी युद्ध आपके हाथों में और आपकी मुट्ठी में होगा। परिश्रम के साथ बुद्धि और विवेक का भी प्रयोग करते हुए अपने दिमाग को खुला रखिए। इस क्षेत्र में व्यापक शोध की आवश्यकता होगी। सीएम योगी ने इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं की संख्या पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा और सकारात्मक संदेश है। उनके लिए इस फील्ड में काफी संभावनाएं हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, डीजीपी विजय कुमार, स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार, उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के डायरेक्टर एडीजी डॉ जीके गोस्वामी, डीआईजी राजीव गोयनका समेत संस्थान से सभी फैकल्टी मेंबर और छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे।