मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में पहला फैसला बूचड़खानों को बंद करने का किया था। अवैध बूचड़खानों में निराश्रित गोवंश काटे जाते थे। तमाम अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। तस्करी भी रोकी। फिर गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार तीन स्कीम लेकर आई। पहली, निराश्रित गो आश्रय स्थल की। इसमें सरकार गोशालाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। दूसरी सहभागिता योजना। इसमें कोई भी किसान 4 गोवंश अपने यहां रख सकता है। हर गोवंश पर उसे 900 रुपये मिलते हैं। तीसरा पोषण मिशन के अंतर्गत है। इसमें कुंवारी कन्या, गर्भवती महिला आदि हंै और उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है तो ऐसे परिवार को हम एक गाय देते हैं और उसके खर्च के लिए 900 रुपये महीना देते हैं। इससे वह गाय की सेवा कर सकती हैं। आठ लाख गोवंश इस समय गोशालाओं में हैं या सहभागिता योजना या पोषण मिशन के अंतर्गत हैं। हम अन्नदाता किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम न गाय कटने देंगे और न ही अन्नदाता की फसल नष्ट होने देंगे। इस संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।
यूपी की 25 करोड़ जनता के जीवन में खुशहाली लाना मकसद
यूपी को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना। 2017 से 2022 के बीच जिन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कदम बढ़ाए गए, उन्हें प्राप्त करने के लिए काम करना ताकि यूपी की 25 करोड़ जनता के जीवन में खुशहाली व चेहरे पर चमक लाई जा सके।