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यूपी: मुख्यमंत्री योगी का निर्देश- दो बहनें साथ पढ़ रही हों तो एक की फीस भरेगी सरकार

Sat, 02 Oct 2021 01:11 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि निजी स्कूल भी सहयोग करें। निजी स्कूल छात्राओं की स्कूल फीस में छूट दें।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थान में दो या दो से अधिक बहनें पढ़ रही हैं तो संस्थान से एक बहिन की फीस माफ करने का आग्रह किया जाए। अगर निजी संस्थान इसके लिए तैयार नहीं होता है तो शासन स्तर से उसकी ट्यूशन फीस देने की व्यवस्था की जाए। साथ ही कहा कि 30 नवंबर तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की जाए।

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सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को लोकभवन में बटन दबाकर 1 लाख 51 हजार 215 छात्रों के खातों में राशि भेजी। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सरकारी संस्थानों में महिलाओं के लिए स्नातक तक की शिक्षा मुफ्त है। बालिकाओं की शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए निजी क्षेत्र के संस्थानों में भी उन्हें सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के लिए अफसर मिशन मोड में काम करें। एक भी पात्र विद्यार्थी इस सुविधा से वंचित न रहने पाए।




आजादी के बाद स्वच्छता पर ध्यान देने से बचतीं अनगिनत जानें
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज से 100 साल पहले भारत के विकास के लिए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया था। आज उनका यह सपना सच हो रहा है। वर्ष 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने पर स्वच्छ भारत मिशन अभियान प्रारंभ किया गया। आजादी के तत्काल बाद इसे शुरू किया जाता तो न जानें कितनी जानें बची होतीं। आज यूपी में इंसेफ्लाइटिस के केसों में 99 प्रतिशत तक की कमी हुई है। पहले 38 जिलों में हर साल 1500-2000 मासूमों की मौतें होती थीं। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को राजनीतिक पार्टियों ने वोट बैंक तो बनाया, पर सत्ता के गलियारे में इनकी आवाज अनसुनी ही रहती थी।
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गांधी के सपने को कर रहे साकार
सीएम ने कहा कि गांधीजी ने स्वदेशी को अंग्रेजों के खिलाफ हथियार बनाया। पीएम मोदी ने कोरोना संकट के दौरान आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया। इसी का नतीजा है कि यूपी में प्रवासी श्रमिकों को अब अपने ही जिले में काम मिल रहा है। ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की है।

अहिंसा के पुजारी ने पाक को दिया मुहंतोड़ जवाब
योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जंयती के अवसर पर याद करते हुए कहा कि वह महात्मा गांधी के अनुनायी और अहिंसा के पुजारी थे। लेकिन, जब पाकिस्तान ने युद्ध थोपा तो उन्होंने उसे मुंहजोड़ जवाब दिया। जब दुनिया के देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाया तो उन्होंने हाथ फैलाने के बजाय जय जवान-जय किसान का नारा दिया।

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योजना में कुल 3900 करोड़ का भुगतान
सीएम ने कहा कि कोरोना संकट के कारण अभी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। निश्चित तिथि तक पंजीकृत 1.51 लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में राशि भेजी जा रही है। अधिकारी समयबद्ध ढंग से शेष पात्र छात्रों के खातों में राशि भेजने का काम करें। वर्ष 2012-13 में इस योजना में 1800 करोड़ रुपये भुगतान हुआ था। हमारी सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 3900 करोड़ रुपये कर दी है।

छात्रवृत्ति वितरण के लिए तैनात होंगे नोडल अधिकारी
सीएम ने कहा कि छात्रवृत्ति के वितरण के लिए जिला व शासन स्तर पर नोडल अधिकारी बनाए जाएं। छात्रों को अपने संस्थानों में विपरीत स्थिति का सामना न करने पड़े, इसलिए दिए गए समय के भीतर उन्हें भुगतान कर दिया जाए। विभागीय मंत्री लगातार इसकी समीक्षा करें। स्वागत समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने किया। अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन हेमंत राव ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, मंत्री अनिल राजभर, स्वामी प्रसाद मौर्य, उपेंद्र तिवारी, मोहसिन रजा, मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी मौजूद रहे।

10 छात्रों को वितरित किए छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र
सीएम और राज्यपाल ने 10 विद्यार्थियों को अपने हाथों से मंच पर छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र वितरित किए। ये विद्यार्थी हैं- अनिरुद्ध, रुचि, रचना, राज निर्मल, विमल, गोल्डी यादव, हिमांशु मौर्या, आदित्य शर्मा, मारिया खातून और सुमन कुमारी।
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