उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑक्सीजन की आपूर्ति किसी भी दशा में बाधित न होने पाए। उन्होंने ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने मेडिकल टेस्टिंग, डोर-टू-डोर सर्वे तथा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को पूरी सक्रियता से संचालित करने पर बल देते हुए कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए ट्रेसिंग के दायरे में आने वाले सभी लोगों की मेडिकल टेस्टिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव के संबंध में जनता को निरंतर जागरूक किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपराओं में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने से संबंधित अनेक तथ्य उपलब्ध हैं। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर बल दिया जाता है। उन्होंने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के संबंध में रेडियो, टीवी तथा समाचार पत्र आदि विभिन्न माध्यमों से लोगों को जानकारी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व संग्रह में वृद्धि के लिए सभी विभागों को प्रभावी योजना बनाकर उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए हैं। शासन स्तर एवं जनपद स्तर पर राजस्व प्राप्ति की गहन माॅनिटरिंग की जाए। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत राजस्व संग्रह कार्य की वे स्वयं समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा स्टार्टअप योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को मिल सके, इसके लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एस.एल.बी.सी.) की बैठक में कार्ययोजना बनाई जाए। एम.एस.एम.ई. इकाइयों के सुदृढ़ीकरण व स्थापना के साथ-साथ युवाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए बैंकों से समन्वय बनाकर उनके लिए ऋण की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर. के. तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।