मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित गो-आश्रय स्थल की निगरानी कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर से कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों में जरूरी व्यवस्थाओं का प्रबंध किया जाए। जिससे गायों को बीमारी और मौत से बचाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों, व्यापारियों और अन्य छोटे उपभोक्ताओं के लिए बिजली बकाए की एकमुश्त समाधान की कार्ययोजना जल्द तैयार की जाए। एकमुश्त योजना को पूर्णत: व्यावहारिक बनाया जाए।बिजली बिल में ओवरबिलिंग और फाल्स बिलिंग बिल्कुल न हो, तकनीक की मदद से इसका स्थाई समाधान निकाला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए डीएम की अध्यक्षता में प्रत्येक माह और मंडलायुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक दो माह में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए। जिलाधिकारी की बैठक में पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मंडलायुक्त की बैठक में आईजी/डीआईजी स्तर के अधिकारी जरूर शामिल हों। उन्होंने बाढ़/अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कहा। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि राप्ती को छोड़कर शेष नदियाें का जल स्तर कम हो रहा है।