मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन रिस्पॉन्स समय को घटाकर 15 मिनट और शहरी क्षेत्रों में सात मिनट करने का निर्देश दिया। वे सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने क हा कि सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा तंत्र की गड़बड़ी से बचने के लिए सिस्टम को अपडेट किया जाए। उन्होंने कहा कि एकीकृत कमान नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) ने कोविड 19 प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। अब इन केंद्रों का उपयोग अग्नि सुरक्षा प्रबंधन पर 24 घंटे निगरानी रखने के लिए किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि हर जिले में कार्यरत आईसीसीसी केंद्र प्राकृतिक आपदाओं में भी लोगों को राहत दे रहे हैं। प्रदेश सरकार सभी तहसीलों में अग्निशमन उपायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम कर रही है। इससे न केवल राज्य में अग्निशमन और बचाव सेवा बलों को पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ऐसी घटनाओं को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आग से फसल के नुकसान को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने और अग्निशमन केंद्रों के ठीक से संचालन के निर्देश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ इनका निर्माण हो और वर्ष 2023 में इन विद्यालयों में हरहाल में शिक्षण कार्य शुरू हो जाए। उन्होंने सोमवार को अटल आवासीय विद्यालयों की मानक संचालन प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद ये निर्देश दिए। इन विद्यालयों का निर्माण श्रम विभाग की ओर से कराया जा रहा है जिनमें श्रमिकों एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी विद्यालय निर्माण और उसके संचालन की प्रगति की मॉनिटरिंग करें। समयबद्धता और गुणवत्ता में लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा ने सीएम को अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण तथा संचालन के संबंध में प्रगति से अवगत कराया।
सभी सुविधाएं हों, योग तथा खेल पर जोर
सीएम ने कहा कि इन विद्यालयों में खेल मैदान और कौशल विकास की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। यह विद्यालय ऐसे मॉडल बनें जिनसे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिले। विद्यालयों के संचालन व अनुश्रवण के लिए राज्य, मंडल तथा जिला स्तर पर समितियों का गठन करें। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की तैनाती और पाठ्यक्रम निर्धारण के संबंध में शीघ्र प्रक्रिया अपनाएं। योग्य व्यक्तियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कर पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुकूल निर्धारित किया जाए। उन्होंने योग तथा स्पोर्ट्स को पाठ्यक्रम में विशेष रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों और छात्रावास के भवनों का वास्तु शिल्प भारतीय दर्शन व संस्कृति के अनुरूप हो। इसकी शैली उत्कृष्ट व जीवंत हो। इसके निर्माण में आधुनिक तकनीक, डिजाइन और सुविधाओं का समावेश किया जाए।