राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में बृहस्पतिवार को खुले मैनहोल में गिरकर तीन साल के मासूम सर्वेश की मौत हो गई।
करीब 15 फीट गहरे इस मैनहोल का लोहे का ढक्कन कुछ दिनों पहले चोरी हो गया था। परिवारीजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन मामला दबाने में जुटा रहा।
वहीं, अस्पताल प्रशासन हादसे के बाद मैनहोल खुला होने का पता चलने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
अस्पताल में ही सफाई कर्मी संजू का बेटा सर्वेश दोपहर करीब दो बजे अस्पताल परिसर में अपने भाई और दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था।
थोड़ी देर बाद सभी बच्चे वहां से चले गए। करीब तीन बजे संजू बेटे सर्वेश को ढूंढने लगी तो उसका कुछ पता नहीं चला। उसने दूसरे कर्मचारियों से पूछा।
एक घंटा तक तलाश के बाद पुलिस को जानकारी दी गई। शाम चार बजे पुलिस अस्पताल में घटनास्थल पर पहुंची। यहां वाटर कूलर के पास खुले मैनहोल के किनारे बच्चे की चप्पल दिखी।
बहन मनीषा ने बताया कि चप्पल सर्वेश की है। इस पुलिस ने मैनहोल के अंदर सरिया डालकर पानी हिलाया तो सर्वेश का शव नजर आया।
मैनहोल में गिरकर मासूम की मौत की खबर फैली तो अस्पताल से लेकर सर्वेश के घर तक कोहराम मच गया। मैनहोल से शव निकाला गया तो मां लाडले को गोद में लेकर फफक पड़ी।
पुलिसकर्मियों ने पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लेना चाहा, लेकिन मां की ममता के आगे वे उस वक्त हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अस्पताल के पास राजेश ट्रेडर्स एंड स्टील कंपनी में कार्यरत सर्वेश के पिता मिट्ठू ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली। पांच भाई-बहनों में सर्वेश सबसे छोटा था।