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यूपी विधान परिषद  : मुख्यमंत्री योगी ने कहा, यूपी के सरकारी स्कूलों में बढ़े हैं 40 लाख विद्यार्थी

Fri, 09 Feb 2024 07:36 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सीएम योगी ने बताया कि सभी बच्चों को बैग, बुक, जूता, मोजा, स्वेटर प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं फेज वाइज एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को यूपी बोर्ड में भी लागू करने का प्रयास हो रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा में समानता लाने के व्यापक प्रयास हुए हैं, जो सामाजिक असमानता को दूर करने में सहायक होगा। यूपी विधानपरिषद में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान निर्दल समूह के सदस्य डॉ. आकाश अग्रवाल के प्रश्न पर मुख्यंत्री ने कहा कि पिछले सात साल में यूपी में शिक्षा के स्तर को सुधारने के प्रयास सर्वविदित है। बेसिक शिक्षा परिषद में 1,32,000 विद्यालयों में कायाकल्प अभियान के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने का प्रयास हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 40 लाख से अधिक नए बच्चों ने प्रवेश लिया है।

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सीएम योगी ने बताया कि सभी बच्चों को बैग, बुक, जूता, मोजा, स्वेटर प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं फेज वाइज एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को यूपी बोर्ड में भी लागू करने का प्रयास हो रहा है। आज जब बेसिक शिक्षा परिषद वही पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है तो आवश्यक नहीं कि हम प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को भेजें। मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल और जुलाई में स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 40 लाख नए बच्चों की वृद्धि ये दिखाती है कि सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का परिणाम सामने आ रहा है और आरटीई का उद्देश्य पूरा हो रहा है।



वहीं एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में बैग, ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर के लिए 1200 रुपये भेजती है। सपा विधायक दल के नेता डॉ. लाल बिहारी यादव ने कहा कि यह राशि अपर्याप्त है। इस पर सीएम ने कहा कि सपा सरकार में यह राशि प्रति बच्चा एक हजार रुपये ही थी।

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आरटीई के तहत दाखिला देने वाले निजी स्कूलों को भुगतान 31 मार्च तक

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 से 2023 के मध्य 26060 विद्यालयों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं हो पाया।

शिक्षामित्रों की आत्महत्या को लेकर उठा सवाल
सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने मानदेय न बढ़ाए जाने से शिक्षामित्रों के आत्महत्या करने का मुद्दा उठाया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने ऐसी किसी जानकारी के होने से इन्कार किया। साथ ही कहा कि वह पहले भी सदन में कह चुके हैं कि शिक्षामित्रों के मानदेय पर विचार के लिए एक कमेटी बना दी गई है। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. मान सिंह आत्महत्या को लेकर जो सूची दे रहे हैं, उसकी जांच कराकर सदन को अवगत करा दिया जाए।

दो माह में हटेगा कन्या पाठशाला की जमीन से अतिक्रमण
विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी ने बलिया में कन्या पाठशाला, गड़वार की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मामला एसडीएम न्यायालय में लंबित है। दो माह में निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया।

पेयजल लाइन के लिए अंधाधुंध ढंग से न काटें सड़कें : सभापति
सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि पेयजल लाइन के लिए गांवों में सड़कों को अंधाधुंध ढंग न काटें। जेसीबी का प्रयोग न करें। कटर से उतना ही हिस्सा काटें, जिसमें लाइन बिछाई जानी है। सपा के शाहनवाज खान के इस संबंध में सवाल उठाए जाने पर सभापति ने यह व्यवस्था दी। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि 10 वर्ष तक अनुरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही है। पाइपों की क्वालिटी को लेकर कोई शिकायत आएगी, तो उसकी जांच कराई जाएगी। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि गड़बड़ियां मिलीं तो दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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