प्रदेश में बाहर से आए श्रमिकों व कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की शुरूआत करने के लिए जल्द ही प्रधानमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रम के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी जाएं।
दूसरे प्रदेशों से लौटे श्रमिकों व कामगारों को रोजगार के संबंध में साइट चिह्नित कर ली जांए। इन्हें कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित करने के उद्देश्य से सूचना विभाग इनकी फिल्म भी बनवाए।
मुख्यमंत्री रविवार को अपने आवास आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए सर्विलांस व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व युवक मंगल दल के माध्यम से सर्विलांस को मजबूत किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एंबुलेंस सुविधा को और प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कोविड-19 के प्रत्येक मरीज को इलाज के लिए यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख कार्यों, कोविड अस्पताल, नॉन कोविड अस्पताल, लॉजिस्टिक्स, कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जिम्मेदारी विभाग के अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी जाए।
इनसे प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट ली जाए। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों व प्राइवेट अस्पतालों के साथ-साथ सभी विभागों व प्राइवेट संस्थानों में कोविड-19 से सुरक्षा व बचाव की जानकारी देने वाले होर्डिंग व पोस्टर लगाए जाएं।
बचाव व उपचार की ट्रेनिंग को बेहतर बनाएं
सीएम ने कहा कि कोविड-19 से बचाव व उपचार के संबंध में ट्रेनिंग की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोविड अस्पतालों के साथ-साथ हर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था हो। एल-1 अस्पतालों में भी 10 प्रतिशत बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध हो। अस्पतालों में अग्निशमन उपाए सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के संबंध में निरंतर कार्य किया जाए।
हेल्पलाइन सुविधाओं को संक्रमण से बचाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेस्टिंग के लिए निर्धारित 20,000 के लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जाए। इसके बाद यथाशीघ्र 25,000 टेस्टिंग प्रतिदिन की जाएं। उन्होंने कहा कि ‘1090’ वूमन पावर लाइन, ‘108’ एंबुलेंस सेवा सहित हेल्पलाइन सुविधाओं को कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक उपाए अपनाए जाएं।