मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान लोगों को बेवजह परेशान करने की शिकायतें मिलीं है। नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में गोतस्करी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करें। थानेदारों की तैनाती मेरिट के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी हर महीने कम से कम एक जिले में औचक निरीक्षण करें और थाना, पुलिस लाइन, बैरक और मालखाना की समग्र जानकारी लें।
सभी नगर निगमों में हो एकीकृत ट्रैफिक कमांड सेंटर
योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में एकीकृत ट्रैफिक कमांड सेंटर शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारी प्रस्ताव बनाकर भेजें। बजट में बुनियादी संरचनाओं को बेहतर करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसे समयबद्ध तरीके से काम में गुणवत्ता के साथ खर्च करें। संदिग्ध चरित्र के लोगों की छुट्टी कर दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कई राडार पर हैं। इस मौके पर डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले डीजीपी ने भी अपर पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए कि विवेचनाओं में गुणात्मक सुधार की जरूरत है। इसके लिए हर रेंज और जोन स्तर पर कार्यशाला का आयोजन करें। उन्होंने हर जिले के टॉप 10 अपराधियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर के लिए यूपी कॉप एप, अपराधियों की धरपकड़ में उपयोगी त्रिनेत्र एप और कानून व्यवस्था में उपयोगी सी प्लान एप का प्रयोग करें।
डीजीपी ने पोक्सो एक्ट में 62 अपराधियों को सजा दिलाने पर अफसरों की पीठ थपथपाई। इस दौरान डीजीपी ने मुख्यमंत्री के सामने पांच वर्षों के अपराध का आंकड़ा रखा। उन्होंने बताया कि लूट और बलात्कार की घटनाओं में 30 प्रतिशत, डकैती में 25 और हत्या में 11.42 प्रतिशत की कमी आई है।