मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुक्त जिलों में भी पूरी सतर्कता एवं सभी सावधानियां बरतना आवश्यक है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में सुरक्षा चक्र टूटने न पाये। बता दें कि प्रदेश में अब तक 10 जिलों को कोरोना मुक्त घोषित किया जा चुका है।
उन्होंने अब तक लिए गए सभी नमूनों की जल्द जांच करने और संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी मानकों व दिशा-निर्देशों का पालन न कर मेडिकल इन्फेक्शन फैलाने वाले निजी चिकित्सालयों को सील कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों द्वारा संक्रमण से सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था का पर्यवेक्षण प्रदेश सरकार के एक मेडिकल अफसर द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल इन्फेक्शन से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक आइसोलेशन बेड पर रोगी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। प्रत्येक 10 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों व अन्य संसाधनों की व्यवस्था तथा टेस्टिंग लैब की स्थापना के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’ बनाया गया है। फण्ड में उपलब्ध धनराशि से चिकित्सा उपकरण आदि की व्यवस्था प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।