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योगी सरकार के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिखने वाले समीक्षा अधिकारी को चार्जशीट, पढ़ें क्या है पूरा मामला

Mon, 10 Feb 2020 10:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर
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प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिखने वाले समीक्षा अधिकारी को चार्जशीट दे दी गई है। प्रकरण की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में समीक्षा अधिकारी राम विरज रावत ने पांच अक्तूबर 2019 को अपने फसेबुक पेज पर एक पोस्ट की थी। इसमें कहा गया था- ‘‘ उप्र. सरकार (योगी सरकार) ने एक आदेश पारित किया है कि एससी-एसटी छात्रा जो इंटरमीडिएट में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए हैं। 

किसी भी प्राइवेट कालेज से बीटेक, बीसीए, बीएड, बीटीसी या कोई भी ग्रेजुएशन कोर्स कर रहे हैं उनको स्कालरशिप नहीं मिलेगी और न ही फीस प्रतिपूर्ति की जाएगी।
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यह तुगलकी फरमान एससी-एसटी वर्ग के लिए अभिशाप है। सरकार की मंशा है कि यह एससी-एसटी समाज किसी भी हालत में शिक्षा न ग्रहण करने पाए और इन्हें गुलाम बना कर रखा जाए।’’
 
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शासन ने फेसबुक पर इस पोस्ट को सरकार के विरुद्ध टिप्पणी माना है। सचिवालय प्रशासन विभाग के उप सचिव जय प्रकाश पांडेय ने रावत के इस कृत्य को सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के अनुसार दुराचरण व अनुशासनहीनता मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया है। 

उन्होंने रावत के विरुद्ध मामले की जांच के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग के अनुसचिव अशोक कुमार तिवारी को जांच अधिकारी नामित किया है। तिवारी को राम विरज से संबंधित आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुनवाई को पूरा अवसर देकर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। रावत ने बताया कि उन्हें यह पत्र मिला है और इसका स्पष्टीकरण दे दिया गया है।
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