पटना का महावीर मंदिर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि दान देगा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव किशोर कुणाल ने बताया, मैं ट्रस्ट की ओर से दो करोड़ का चेक लेकर अयोध्या जा रहा हूं। प्रस्तावित राम मंदिर के लिए हमारी ओर से कुल 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, इसके साथ ही 1818 में बने 30 सिक्कों को भी दान किया जाएगा, यह सिक्के मंदिर को दानपात्र में मिले थे।
किशोर ने कहा, दानपात्र खोलने के बाद हमें एक आना के 30 सिक्के मिले हैं, जिन्हें ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1818 में जारी किया था। सिक्के की एक ओर श्रीराम, सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की तस्वीर बनी है। ये सिक्के दान में मिले थे, जिन्हें राम मंदिर के लिए संभाल कर रखा गया है। एजेंसी
मुस्लिम पक्षकार ने मांगा विवादित ढांचे का मलवा, प्रशासन का इनकार
मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन के बाद मुस्लिम पक्षकारों की ओर से विवादित ढांचे का मलवा हासिल करने के लिए नई जद्दोजहद की सूचना के बाद सरकार अलर्ट हो गई है। बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे हाजी महबूब और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रशासन से मलवा देने की मांग की है। इस पर, प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि पूरे मामले का सुप्रीम कोर्ट से निस्तारण हो चुका है। फैसले के बाद संपूर्ण भूमि के मालिक रामलला हो चुके हैं। यह कैसे तय होगा कि कौन मलवा मंदिर का था, कौन मस्जिद का। ऐसे में इसका मलवा मांगने की मांग उपयुक्त नहीं है। हाजी महबूब ने कहा कि कोर्ट के आदेश में छह दिसंबर 1992 ढांचे को ढहाना आपराधिक कृत्य माना गया है, ऐसे में उसका पवित्र मलवा लेना जरूरी है।
मस्जिद का निर्माण गैरकानूनी साबित नहीं हुआ है। हम विराजमान रामलला का दस गुणा दस फुट भूमि छोड़कर मस्जिद की मिट्टी, उसके खंभे, पत्थर आदि की मांग कर रहे हैं। बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी संयोजक व अधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने कहा कि प्रशासन नहीं माना तो नए सिरे से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।