प्लेटफार्मों पर गड्ढे जैसी स्थिति वाले चारबाग स्टेशन के दिन बहुरने वाले हैं।
रोजाना 260 से अधिक ट्रेनों से गुलजार होने वाले चारबाग स्टेशन पर यात्री एक्सेलरेटर से प्लेटफार्मों तक पहुंचेंगे।
जबकि उनको कम रेट पर शानदार बजट होटल भी मिलेगा। समय बचने पर वह स्टेशन के शॉपिंग मॉल में खरीदारी करेंगे।
रेलवे बोर्ड ने चारबाग को विश्वस्तरीय बनाने का ब्लू प्रिंट एक सप्ताह के भीतर लखनऊ रेल मंडल से मांगा है। मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग को ब्लू प्रिंट बनाने का काम सौंपा गया है।
चारबाग स्टेशन पर बजट होटल, शापिंग मॉल, प्लेटफॉर्मों तक पहुंचने के लिए एक्सेलरेटर, भूमिगत पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने की घोषणा चार साल पहले रेल बजट में हुई थी।
रेलवे ने विश्वस्तरीय स्टेशन का एक अलग अनुभाग बनाकर रेलवे अधिकारियों की वहां तैनाती कर दी थी। बजट की कमी के कारण चारबाग को विश्वस्तरीय बनाने की योजना बंद कर दी गई थी।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही उत्तर प्रदेश के दो बड़े स्टेशनों लखनऊ और वाराणसी के कायाकल्प की तैयारी में रेलवे जुट गया है।
वाराणसी स्टेशन के सुंदरीकरण पर 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने तैयार किया है।
जबकि लखनऊ के चारबाग स्टेशन के सुंदरीकरण और विश्वस्तरीय बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस साल अक्तूबर में रेल बजट प्रस्तुत हो सकता है।
उस बजट में चारबाग स्टेशन के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति मिलेगी।
दरअसल रेलवे ने पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर थ्री पी मॉडल के तहत चारबाग स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। यह योजना ठप पड़ गई।
इसलिए अब रेलवे खुद अपने संसाधन और बजट से चारबाग स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाएगा।