काशी विश्वनाथ मंदिर पर एक डिबेट में विवादित बयान देकर चर्चा में आए लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविकांत से आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ विश्वविद्यालय में मुलाकात की।
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आजाद की इस मुलाकात को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस का माहौल गर्म हो गया। मुलाकात के बाद आजाद ने कहा कि 10 मई को हुए उग्र प्रदर्शन में अगर एक सप्ताह में एफआईआर दर्ज न की गई तो जिला मुख्यालयों का घेराव करेंगे।
उन्होंने कहा कि डॉ. रविकांत ने जो बयान दिया है वो एक किताब के संदर्भ से कहा है। भाजपा सरकार में दलितों की आवाज को दबाया जा रहा है पर हम पीछे नहीं हटेंगे। प्रोफेसर रतन लाल को गिरफ्तार किया। उन्हें सरकार को छोड़ना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि चुनाव होता है तो अनुसूचित जाति के लोगों का ध्यान रखा जाता है। नहीं तो मुंह खोलने पर जेल में बंद कर दिया जाता है।
उधर, लविवि के महमूदाबाद छात्रावास में चंद्रशेखर के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुआ। पहले ये छात्र गेट नंबर 8 के पास प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने एहतियातन विवि के सभी गेट बंद किये हैं। आई कार्ड देखकर छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।