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बदायूं रेप केस: मजबूर अखिलेश ने केंद्र को लिखा पत्र

Tue, 03 Jun 2014 12:31 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
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बदायूं रेप केस पर अब तक कोई जवाब न दे सकी सूबे की सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें मामले से सम्बंधित केंद्र के सवालों के जवाब भी दिये हैं।
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प्रदेश सरकार ने बदायूं कांड की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को पत्र भेज दिया है। प्रमुख सचिव गृह पद से हटाए जाने से पहले अनिल कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने बदायूं मामले में केंद्र सरकार को अभी तक की कार्रवाई की जानकारी दे दी है।

इस बीच आईजी कानून-व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर ने साफ किया है कि पीड़ित पक्ष अनूसूचित जाति-जनजाति के दायरे में नहीं आते हैं, इसीलिए इस मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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एससी/एसटी एक्ट की जरूरत नहीं

सोमवार को केंद्र सरकार के एक मंत्री ने यह सवाल उठाया था कि इस मामले की रिपोर्ट एससी/एसटी एक्ट की धारा में क्यों नहीं दर्ज की गई।  

इस बारे में पूछे जाने पर सेंगर ने बदायूं कांड के पीड़ित परिवार की जाति का हवाला देते हुए कहा कि क्योंकि वे पिछड़ी जाति से हैं, लिहाजा इस मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज करने की जरूरत नहीं थी।

जो उचित धाराएं थीं, उनके तहत अभियोग दर्ज कराया गया। आईजी ने यह भी कहा कि इस मामले में जिन दो अज्ञात अभियुक्तों को नामजद किया गया है, प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से उनके स्केच बनाकर उन्हें तलाश करने की कोशिश की जा रही है।
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जल्द जांच का किया अनुरोध

इस बीच बदायूं पुलिस के आग्रह पर आला पुलिस अफसरों ने हैदराबाद स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों से संपर्क कर भेजे गए नमूनों की डीएनए जांच यथासंभव जल्द कराए जाने का अनुरोध किया है।

प्रयोगशाला के नतीजे आने के बाद पुलिस की कार्रवाई की सही दिशा तय हो सकेगी।

रिपोर्ट में अगर गिरफ्तार आरोपियों पर आरोप साबित होते हैं तो पुलिस के लिए अभियोजन में मददगार साबित होगी।
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