बैठक में यह भी फैसला किया गया कि वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं की समन्वय समितियां बनाकर उन्हें प्रदेश और दूसरे राज्यों तथा राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के नेताओं से बातचीत कर भावी संघर्ष की रूपरेखा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए। सभी से बात के बाद पूरी कार्ययोजना बनाकर देशव्यापी संघर्ष छेड़ा जाए। कर्मचारी संगठनों के अस्तित्व को बचाने व अपनी मूलभूत सुविधाओं को बचाए रखने के लिए यह जरूरी है।
केंद्रीय और राज्य कर्मचारी एकजुट होकर संघर्ष करें तो सफलता तय है। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडेय, महामंत्री सुशील कुमार बच्चा, ऑल इंडिया पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवशंकर दुबे, सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह, पीसीएस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह सहित कई संगठनों के नेता शामिल थे।