फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी बोर्डः स्टूडेंट्स समेत प्रश्नपत्रों पर भी रहेगी सीसीटीवी की नजर

Mon, 01 Jan 2018 03:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों समेत प्रश्नपत्रों पर भी सीसीटीवी कैमरों की नजर होगी। प्रश्नपत्रों के पैकेट सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही खोले जाएंगे।
विज्ञापन


प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी परीक्षा केंद्रों को विशेष रूप से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ेगी।

इस बार बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन संपादित करने में सीसीटीवी कैमरों की भूमिका अहम होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दे दिए हैं।
विज्ञापन


बोर्ड की नीति के अनुसार परीक्षा केंद्रों के मेन गेट, गैलरी से लेकर सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। हालांकि फिलहाल जिले के सभी राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों की ज्यादातर कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
विज्ञापन

प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम में ही रखें

डेमो - फोटो : डेमो
परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यालय में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में ही प्रश्नपत्रों को रखें। जिस अलमारी में प्रश्नपत्र रखे जाएंगे उसकी चाबी सिर्फ केंद्र व्यवस्थापक  के पास होनी चाहिए।

जिस कार्यालय में अलमारी होगी उसमें भी सीसीटीवी कैमरा लगवाना अनिवार्य है। केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश हैं कि प्रश्नपत्र रखने के बाद परीक्षा खत्म होने तक अलमारी को खोलने व बंद करने का कार्य सिर्फ वहीं करेंगे।

डीआईओएस ने बताया कि प्रश्नपत्र के पैकेट की सील सीसीटीवी कैमरे के सामने ही खोली जाएगी। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश हैं कि पेपर का पैकेट खोलने से पहले अंतिम बार स्कीम से कोड का मिलान जरूर कर लें।

यदि गलती से भी गलत प्रश्नपत्र का पैकेट खुल गया तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं पर अनावश्यक मुहर न लगाने को भी कहा गया है।

छात्र संख्या के अनुसार ही उत्तर पुस्तिकाओं पर मुहर लगाई जाए। मेन कॉपी के बाद बी कॉपी यदि कोई लेता है, तभी उसपर मुहर लगाई जाए। जरूरत से ज्यादा कॉपियों पर मुहर लगाए जाने से उसके गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें