मनरेगा घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए सीबीआई ने पांच और जिलों की जांच शुरू करने की औपचारिकता पूरी कर दी है।
इसके तहत बांदा, महाराजगंज, वाराणसी, प्रतापगढ़ और मथुरा में हुई अनियमितता की जांच करने के लिए प्रारंभिक सूचना (पीई) दर्ज की है।
सीबीआई जल्दी ही कुछ और जिलों में इस योजना के तहत हुई अनियमितता की पीई दर्ज करने की तैयारी में है।
सूत्रों का कहना है कि इन जिलों में जो अनियमितता हुई उसमें निचले स्तर के कर्मियों से लेकर उच्च अधिकारियों की भी संलिप्तता रही।
ऐसे में सीबीआई पहले आरोपों की तह में जाकर उनकी सत्यता को परखेगी, फिर एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की जाएगी।
विवेचना के दौरान आरोप के घेरे में आ रहे लोगों से पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने की कार्रवाई होगी। इसके लिए सीबीआई की टीम अब इन पांचों जिलों में जाकर पड़ताल करेंगी।
2007-10 में सात जिलों में शुरू हुई थी जांच
हाई कोर्ट के निर्देश पर मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पहले 2007-2010 के दौरान हुए सात जिलों गोंडा, महोबा, बलरामपुर, कुशीनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, संतकबीरनगर की जांच शुरू की थी।
अदालत ने सीबीआई को इन सात जिलों की औपचारिक जांच करने के साथ ही यह भी कहा था कि बाकी जिलों में भी मनरेगा में धांधली व शक्ति के दुरुपयोग और योजना के तहत मिली रकम के दुरुपयोग व धांधली की शुरुआती जांच की जाए।
कैबिनेट की बैठक कल
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इसमें खास तौर पर 14 नवंबर से शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले अनुपूरक बजट को मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
इसके अलावा आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य निर्धारण समेत अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखे जा सकते हैं।