इस चार्जशीट में सीबीआई ने कुल 76 गवाह बनाने के साथ ही 53 दस्तावेज व 14 वस्तुओं को सुबूत के तौर पर पेश किया है। जांच एजेंसी ने चार्जशीट दायर करके बताया कि हत्या, पीड़िता के साथ रेप समेत अन्य मामलों की विवेचना उसे सौंपी गई थी। इसमें पता चला कि रेप पीड़िता की मां ने 12 फरवरी 2018 को विधायक कुलदीप सिंह के खिलाफ नाबालिग पुत्री से बलात्कार की कोर्ट में शिकायत की थी। इसकी पैरवी के लिए 3 अप्रैल 2018 को पीड़िता का पिता उन्नाव कोर्ट में आया था।
वापस घर जाते समय रास्ते में बाबूखेड़ा तथा सराई थोक के बीच आरोपी सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह मिला। वहां पीड़िता के पिता व उसके बीच कहासुनी शुरू हो गई। इस पर पीड़िता के पिता ने विधायक कुलदीप तथा अतुल सिंह को अपशब्द कहे। सुमन सिंह ने फोन से यह जानकारी वीरेन्द्र सिंह उर्फ बउवा को दी। बउवा ने विनीत को तथा विनीत ने इसकी जानकारी अतुल सिंह को फोन पर दी।
चार्जशीट में कहा गया कि उस समय अतुल सिंह अपने साथियों के साथ माखी से उन्नाव की तरफ जा रहा था। अतुल की फॉर्च्युनर गाड़ी में लक्ष्मीकांत यादव, राघवेन्द्र सिंह तथा सचिन त्रिवेदी थे। इसके बाद सभी आरोपी गांव पहुंचे तथा पीड़िता के पिता को मारने लगे। उन्हें रायफल व पिस्तौल की बट से मारा गया। बुरी तरह पीटने के बाद आरोपी पीड़िता के पिता व उसके एक सहयोगी को घायल अवस्था में छोड़कर चले गए। चार्जशीट के अनुसार, बाद में पीड़िता के पिता को अवैध असलहा रखने के आरोप में जेल भेज दिया गया। वहां हालत खराब होने पर 5 अप्रैल को जेल अस्पताल में भर्र्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 8 अप्रैल को उन्नाव के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान 9 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई।