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चिकित्सा विभाग में तबादलों का मामला : हाईकोर्ट ने कहा, कर्मियों के प्रत्यावेदनों पर गौर करे सरकार

Fri, 13 Aug 2021 02:41 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

याचियों का कहना था कि तबादला आदेश में यह नहीं कहा गया कि तबादले जनहित या प्रशासनिक कारणों से किए जा रहे हैं। जबकि कुछ याचियों के माता-पिता दिव्यांग हैं तो कई के पति या पत्नी का इलाज चल रहा है। 
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने चिकित्सा विभाग में कर्मचारियों के तबादलों के मामले में जारी आदेश में सीधे दखल देने से इनकार कर दिया। पर, राज्य सरकार को कर्मचारियों के प्रत्यावेदनों पर गौर करने का आदेश देते हुए संबंधित याचिका को निस्तारित कर दिया। न्यायमूर्ति राजेश चौहान ने यह आदेश आशीष कुमार सिंह व अन्य कर्मियों की याचिका पर दिया। 

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याचिका में 15 जुलाई 2021 के तबादला आदेश को चुनौती दी गई थी। याचियों का कहना था कि तबादला आदेश में यह नहीं कहा गया कि तबादले जनहित या प्रशासनिक कारणों से किए जा रहे हैं। जबकि कुछ याचियों के माता-पिता दिव्यांग हैं तो कई के पति या पत्नी का इलाज चल रहा है। ऐसे में इन पहलुओं पर गौर किए बगैर तबादला आदेश पारित किया जाना कानून की मंशा के खिलाफ है। 

कोर्ट ने आदेश में कहा कि तबादला सर्विस का भाग है, इसमें विशेष परिस्थितियों में ही कोर्ट हस्तक्षेप कर सकती है। कोर्ट ने याचियों को अपनी वास्तविक समस्याएं सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन के जरिए भेजने की छूट देते हुए कहा कि इन पर तीन हफ्ते में निर्णय लिया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी ने अगर 15 जुलाई के आदेश के अनुपालन में नई जगह ज्वाइन किया है और वह प्रत्यावेदन देता है तो बिना भेदभाव के उस पर विचार किया जाए। कोर्ट ने यह आदेश देकर याचिका निस्तारित कर दी।

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