प्रोन्ननत आईएएस व सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह के खिलाफ शुक्रवार को चिनहट थाना में पत्नी अनीता सिंह की हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया।
इंस्पेक्टर सचिन कुमार सिंह ने बताया कि अनीता के चचेरे भाई व विभूतिखंड के ओमेक्स हाइट्स अपार्टमेंट निवासी अधिवक्ता राजीव सिंह की तरफ से तहरीर दी गई थी। उन्होंने आईएएस पर पत्नी की हत्या और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है जिस पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, दोपहर में राजीव सिंह ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर आईएएस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
राजीव का कहना है कि अनीता अक्सर उनसे व परिवारीजनों से मिलतीं तो बातचीत से लगता था कि वह अपने पति से खुश नहीं हैं। उन्होंने आईएएस के चरित्र को लेकर भी आरोप लगाए। कहा कि बहन उनकी हरकतों का विरोध करती तों उसे पीटा जाता था। अनीता अक्सर कहा करती थी कि उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है।
परिवारीजन उसे बच्चों के भविष्य का वास्ता देकर पति से सामंजस्य बनाकर रखने के लिए कहते थे। राजीव ने बताया कि कुछ दिन पहले छोटे भाई के गृह प्रवेश के कार्यक्रम में अनीता पति के साथ आई थीं। उस वक्त वह काफी अनमनी लग रही थीं। डेढ़ घंटे रहने के बाद वह चली गईं।
इसके बाद एक सितंबर की दोपहर आईएएस उमेश प्रताप सिंह ने छोटे भाई को फोन कर अनीता के गोली मारने की सूचना दी। बकौल राजीव, वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लेकिन कुछ समझ नहीं सके। बाद में कुछ पत्रकारों द्वारा खींचे गए फोटोग्राफ से बहन की मौत को लेकर सवाल उठने शुरू हुए जिस पर उन्होंने पड़ताल शुरू की। उन्होंने कहा कि बहन की हत्या आईएएस उमेश प्रताप सिंह ने ही की है।
राजीव ने कहा कि अनीता के कमरे के दरवाजे की टूटी सिटकनी देखकर साफ लगा रहा है कि वह धक्का देने से नहीं बल्कि जुर्म को छिपाने के लिए तोड़ी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनीता ने अगर सोफे पर बैठकर खुद को गोली मारी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर के पीछे चोट कैसे पाई गई।
गोली अगर सामने से मारी गई और पीठ से पार हो गई तो पीठ का सुराख छोटा क्यों है। उन्होंने कहा कि हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए माहौल बनाया गया था। उमेश का यह भी कहना है कि अनीता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थीं और उनका उपचार चल रहा था। ऐसी अवस्था में उसे लोड पिस्टल क्यों और कैसे मिली? यह भी जांच का विषय है।
उन्होंने कहा कि उमेश प्रताप सिंह आईएएस अधिकारी हैं और लखनऊ में तैनाती के चलते अच्छी पहुंच रखते हैं इसलिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरे मामले को दबा रहा है। दोपहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजीव ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
आरोप लगाने वाला कभी बहन से राखी बंधवाने तक नहीं आया
अनीता की बेटी उपासना ने राजीव सिंह के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि नाना व ननिहाल के सभी सदस्य इस वक्त परिवार के साथ हैं। वह राजीव को नहीं जानती। उन्हें कभी नहीं देखा। वह मां की हत्या का आरोप लगा रहे हैं लेकिन सच तो यह है कि वह कभी अपनी बहन से राखी बंधवाने तक नहीं आए। उनका परिवार से कोई संबंध नहीं है। वह पिता को बदनाम करने के लिए यह सब कर रहे हैं।
एडीजी के दबाव में दर्ज किया गया केस
आईएएस उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि राजीव सिंह राजधानी के एक बड़े होटल मालिक के भाई हैं और एडीजी पीएसी बीके सिंह उनके जीजा हैं। इस पूरे मामले को एडीजी पीएसी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एडीजी पीएसी के दबाव में एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही।