विवि पीएचडी प्रवेश में पूरी पारदर्शिता का दावा कर रहा है, लेकिन उसकी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लविवि ने जनवरी में जब आवेदन मांगे थे तो उसमें ईडब्ल्यूएस की सीट घोषित नहीं की थी। ऑर्डिनेंस के अनुसार विज्ञापित सीट की संख्या में बदलाव नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद लविवि ने ईडब्ल्यूएस कोटे की बात कहकर सीट बढ़ा दी।
सवाल यह है कि जब ईडब्ल्यूएस सीट के आवेदन नहीं मांगे गए तो फिर इसका लाभ किसे दिया जा रहा है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो ईडब्ल्यूएस कोटे के थे लेकिन लविवि की ओर से सीट जारी नहीं करने की वजह से वे ओपन वर्ग के आवेदकों में शामिल हुए।
लविवि ने मंगलवार को पीएचडी दाखिले के लिए अपनी दूसरी सूची जारी कर दी। अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी, फिजिकल एजुकेशन, समाजशास्त्र, अप्लाइड इकनॉमिक्स, कॉमर्स, लॉ, बॉटनी, केमिस्ट्री, गणित और जूलॉजी विभाग के अभ्यर्थियों को सूची में नाम देखकर फीस जमा करने को कहा गया है। इसकी अंतिम तारीख 25 दिसंबर है।