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केजीएमयू दीक्षांत समारोह: राष्ट्रपति बोले- संस्थान के गौरव को बरकरार रखें मेडल पाने वाले छात्र-छात्राएं

Mon, 21 Dec 2020 07:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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केजीएमयू दीक्षांत समारोह। - फोटो : amar ujala
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि केजीएमयू के डॉक्टर देश और दुनिया में छाए हैं। डॉक्टरी की पढ़ाई सिर्फ जीविकोपार्जन और व्यक्तिगत उन्नति का आधार न होकर मानवता की सेवा है। इसलिए यहां से मेडल पाने वाले छात्र मानवता की सेवा में लग कर केजीएमयू का गौरव बढ़ाएं। वह सोमवार को केजीएमयू के 16वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि 1916 के पहले बैच में 31 विद्यार्थियों में सिर्फ दो छात्राएं थीं, लेकिन यहां मेडल पाने वाले 44 छात्रों में 50 फीसदी छात्राएं हैं। यह देश व समाज के लिए शुभ संकेत है। 21वीं सदी के भारत के निर्माण में ये छात्राएं अहम योगदान देंगी।

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की नीति और चिकित्सक, चिकित्साकर्मियों की सक्रियता का नतीजा रहा कि यूपी जैसा घनी आबादी वाला राज्य महामारी का मुकाबला करने में कामयाब रहा है। केजीएमयू ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। केंद्र सरकार ने भारत उन्नत अभियान शुरू किया। केजीएमयू ने 10 गांव गोद लिए हैं। इन गांवों में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को बढ़ाकर लोगों को राहत दी जा सकती है।
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अच्छे डॉक्टर के साथ बेहतर इंसान भी बनें
राष्ट्रपति ने कहा कि आज बहुत खुशी का दिन है। आपके नाम के आगे डॉक्टर जुड़ जाएगा। केजीएमयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई करना गर्व की बात है। केजीएमयू ने हमेशा गंभीर चुनौतियों के बीच गौरवशाली काम किया है। उन्होंने कहा कि अच्छा डॉक्टर के साथ बेहतर इंसान भी बनें। मरीजों का भरोसा जीतें। गरीबों की सेवा करें। डॉक्टर के पास आने वाला मरीज पीड़ा, तनाव और संकट के दौर से गुजर रहा होता है। ऐसे में चिकित्सक का कुशल व्यवहार उसे ताकत देता है। इसलिए चिकित्सक को हमेशा संवेदनशील होना चाहिए।
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राष्ट्रपति ने जॉर्जियन को उनके रुतबे की याद दिलाई

राष्ट्रपति ने कहा कि केजीएमयू के एल्युमिनाई में एक पद्मविभूषण, छह पद्मभूषण, 28 पद्मश्री और 45 बीसी रॉय अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। केजीएमयू जॉर्जियन परिवार का एक पोर्टल बनाएं, जिसमें दुनियाभर में चिकित्सा केक्षेत्र में कार्य करने वाले जॉर्जियन अपनी राय और तकनीक साझा करें। यहां इलाज की नई तकनीक साझा करने से उसका प्रसार होगा और देश के लाखों मरीजों को फायदा मिलेगा। भारत में दुनिया भर से लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। भारत के डॉक्टरों का भरोसा पूरे संसार को है। अमेरिका में हर सातवां डॉक्टर भारतीय है। लिहाजा डॉक्टरों की जिम्मेदारी और बढ़ रही है। नई और पुरानी पीढ़ी के डॉक्टर मिलकर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराएं।

राष्ट्रपति ने कहा कि जिस वक्त केजीएमयू की स्थापना का सपना देखा गया, उस वक्त अकाल का दौर था। वर्ष 1905 में यह सपना साकार हुआ। देशव्यापी आंदोलन में लखनऊ की अहम भूमिका रही है। यहां मौजूद गांधी मेमोरियल अस्पताल, पटेल छात्रावास सहित अन्य इमारतें राष्ट्र निर्माण की विरासत को याद दिलाती हैं।

नई तकनीक विकसित करें मेधावी
राष्ट्रपति ने कहा कि यह वक्त रोबोट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। ऐसे में मेधावियों को नई तकनीक और नए शोध के लिए आगे आना होगा। केजीएमयू जैसे संस्थानों को अधिक से अधिक शोध करके इलाज के सस्ते और सुलभ संसाधन विकसित करने होंगे।
 
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