प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निक संस्थानों में वे छात्र भी दाखिला ले सकेंगे जो संयुक्त प्रवेश परीक्षा में फेल हो गए थे। मुख्य काउंसलिंग का तीसरा चरण खत्म होने बाद संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद दाखिले के लिए निर्धारित अर्हता की बाध्यता खत्म कर देगा।
प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए मुख्य काउंसलिंग चल रही है। तीसरे चरण मेें कॉलेज आवंटन शुक्रवार को होगा। इसके बाद छात्र सिक्योरिटी शुल्क जमा कर आवंटित कॉलेजों में 24 जुलाई तक सीट पक्की कर सकेंगे। अभी तक काउंसलिंग का रुझान कॉलेजों के लिए अच्छे नहीं हैं। काउंसलिंग शुरू होने के एक दिन पहले तक सीटें बढ़कर 2,18,981 हो गईं थीं।
दूसरे चरण की काउंसलिंग खत्म होने के बाद पौने दो लाख सीटें रिक्त रह गईं थीं। तीसरे चरण की काउंसलिंग से भी कॉलेजों को कोई खास उम्मीदें नहीं हैं। ऐसे में मुख्य चरण की काउंसलिंग खत्म होने के बाद संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद दाखिले के लिए निर्धारित अर्हता की बाध्यता खत्म कर देगा।
अभी तक मुख्य काउंसलिंग के लिए प्रवेश परीक्षा में प्राप्त 25 अंक की बाध्यता रखी गई थी। जबकि बालिकाओं के लिए रिजर्व की गई सीटों पर प्राप्तांक एक की अर्हता निर्धारित की गई थी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 3,60,787 छात्र सम्मिलित हुए। जिनमें से 3,39,174 छात्र काउंसलिंग के लिए अर्ह पाए गए। लेकिन अब मुख्य काउंसलिंग खत्म होने के बाद फेल छात्र भी दाखिला ले सकेंगे।
परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि मुख्य काउंसलिंग में राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए 29 जुलाई को स्पॉट काउंसलिंग कराई जाएगी। यह काउंसलिंग संस्थानों में होगी। 28 जुलाई को रिक्त सीटों का ब्यौरा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस काउंसलिंग में वे सभी छात्र पात्र होंगे जो प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं। कटऑफ की बाध्यता नहीं रहेगी। प्रवेश परीक्षा में ऐसे कई छात्र हैं जिन्होंने माइनस में अंक प्राप्त किया है। निगेटिव मार्किंग की वजह से उनके माइनस अंक आए हैं। वे छात्र भी काउंसलिंग में भाग लेकर सरकारी कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे।
निजी में बिना प्रवेश परीक्षा के लें दाखिला
निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों की रिक्त सीटों के लिए अलग से 31 जुलाई से 15 अगस्त तक काउंसलिंग कराई जाएगी। सचिव ने बताया कि निजी कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने की भी बाध्यता खत्म कर दी जाएगी। जो छात्र प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुए हैं वे भी दाखिले के लिए काउंसलिंग में आवेदन कर सकेंगे। इंटर में प्राप्त अंकों के आधार पर उनको निजी कॉलेजों में दाखिला दिया जाएगा।