जीएसटी आम जनता के हित में लिया गया फैसला है। इसको लेकर अभी भी लोगों में काफी गलतफहमियां हैं। जैसे-जैसे इसके प्रति जानकारी बढ़ेगी गलतफहमियां भी दूर होंगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय जीएसटी मित्र तैयार करके समाज और सरकार के प्रति अहम योगदान दे सकता है। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने ये विचार शनिवार को लखनऊ विवि के मालवीय सभागार में हुई कार्यशाला में व्यक्त किए। इस मौके पर उन्होंने विवि में आईसीएमए के नए सेंटर और लविवि की ओर से जीएसटी पर शुरू किए गए सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ भी किया।
छह महीने का है सर्टिफिकेट कोर्स, आवेदन आज से
कॉमर्स के विभागाध्यक्ष प्रो. सोमेश शुक्ला ने बताया कि विवि जीएसटी पर आधारित छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत कर रहा है। इसके आवेदन फॉर्म रविवार से मिलेंगे। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने के बाद अभ्यर्थी इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। इस कोर्स की फीस तीन हजार रुपये तय की गई है।
अगले साल से टैक्स प्लानिंग पर डिप्लोमा कोर्स
कोर्स में जीएसटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन रिटर्न भरना तथा अन्य प्रावधानों की जानकारी भी कोर्स में दी जाएगी। विभाग में अगले साल से टैक्स प्लानिंग एंड मैनेजमेंट की शुरुआत भी की जा रही है। यह डिप्लोमा पाठ्यक्रम होगा। एक साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम की फीस 10 हजार रुपये तय की गई है।