युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ चलाया जाएगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से 15 अगस्त से शुरू हो रहे अभियान में यूपी के 32 जिलों का चयन किया गया है। अभियान को चलाने के लिए हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी।
कमेटी में महिला एवं बाल विकास विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। अभियान के तहत लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मंत्रालय ने सर्वाधिक नशाखोरी से प्रभावित देश के विभिन्न प्रदेशों के 212 जिलों को चिह्नित किया है। इन्हीं जिलों में नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
इसमें 32 जिले यूपी के भी शामिल हैं। नशा मुक्ति अभियान के लिए चयनित जिलों में डीएम की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय समिति बनेगी। समिति में पुलिस अधीक्षक व जिला जज की ओर से नामित प्रतिनिधि, जिला चिकित्सा अधीक्षक, उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग से नामित सीडीपीओ, नशा मुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधि, डीएम से नामित सिविल सर्विस से रिटायर अधिकारी और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से नामित प्रतिनिधि सदस्य होंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी समिति का सदस्य सचिव होगा।
लखनऊ समेत इन जिलों में चलेगा अभियान
आगरा, प्रयागराज, औरैया, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, बदायूं, देवरिया, इटावा, अयोध्या, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, कुशीनगर लखीमपुर-खीरी, लखनऊ, महाराजगंज, मुरादाबाद, रायबरेली, मऊ, शाहजहांपुर, संभल, सहारनपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व वाराणसी।