चोरी की बिजली से ढाबा रोशन
हनुमान सेतु उपकेंद्र के वीआईपी इलाके में लाइनमैन ने एक ढाबे को सीधे केबल से रोशन कर दिया है। इसके बदले हर महीने 500 रुपये ‘सुविधा शुल्क’ देकर ढाबावाला चोरी की बिजली से डीप फ्रीजर तक चलाता है। खास बात तो यह है कि जिस रोड पर यह ढाबा है, उसके सामने से सुबह से शाम तक पावर कॉर्पोरेशन के आला अफसरों का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि अभियान के दौरान कभी इस ढाबे की बिजली चोरी नहीं पकड़ी जा सकी।
केस- 2
100 बिजली चोरोें से हर माह उगाही
अहिबरनपुर, डालीगंज इक्का स्टैंड उपकेंद्र इलाके में संविदा कर्मचारी नियोजित तरीके से बिजली चोरी करा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा वे लोग शामिल हैं, जिन्हें अभियान के दौरान बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर पुलिस में एफआईआर तक दर्ज कराई गई। लेकिन इंजीनियरों के चहेते हर माह इन 100 बिजली चोरों से 500 रुपये की उगाही कर रहे हैं।
लखनऊ में तीन महीने से लगातार बिजली चोरों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चल रहा है। लेकिन इसमें वे नहीं पकड़े जा रहे, जिन्हें नियोजित तरीके से बिजली चोरी कराई जा रही है। गोरखधंधे में इलाकाई इंजीनियरों के संविदा कर्मचारी शामिल हैं, जो 500 रुपये महीने का ‘शुल्क’ लेकर चोरी करा रहे हैं, जिसकी बानगी ये उदाहरण हैं।
संविदाकर्मियों की इस कारस्तानी से लेसा को हर महीने करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली चोरी पकड़ने के अभियान में जिन इंजीनियरों एवं कर्मियोें को लगा रखा है, उनमें से ही कुछ की सांठगांठ से घर, दुकान, अपार्टमेंट, कॉम्पलेक्स में पहले से ही बिजली चोरी कराई जा रही है।