कैग की पड़ताल में पता चला कि 31 मार्च 2019 को बिक्री, व्यापार आदि पर कर, स्टांप एवं निबंधन फीस, वाहनों, माल व यात्री कर, राज्य आबकारी व मनोरंजन कर का राजस्व बकाया 30,285.43 करोड़ था। इसमें से 13,129.57 करोड़ रुपये पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित था।
कैग ने इसे राज्य में शिथिल राजस्व प्रशासन व अनुपालनहीनता को सूचक करार दिया। जांच में बकाया निर्धारण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गईं। कैग ने विभागों को लंबित बकाए के लिए केंद्रीकृत डाटाबेस बनाने की सिफारिश की है, जो बकाए की प्रगति की अपडेटेड जानकारी दे सके।