भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रथम अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी
लखनऊ। प्रदेश में सांस्कृतिक शिक्षा को अब और रफ्तार मिलेगी। प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रथम अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में कला, संगीत और संस्कृति से जुड़ी शिक्षा और शोध को व्यवस्थित करने में और सहयोग मिलेगा।
इसका उद्देश्य प्रदेश में सांस्कृतिक शिक्षा के लिए एक सशक्त और संगठित ढांचा तैयार करना है। जब तक विश्वविद्यालय के स्थायी नियम लागू नहीं हो जाते, तब तक यह अध्यादेश उसके कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगा। अध्यादेश लागू होने के बाद विश्वविद्यालय को शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण अधिकार मिलेंगे।
इसमें छात्रों के प्रवेश, पाठ्यक्रम निर्धारण, परीक्षाओं का संचालन, डिग्री और डिप्लोमा देने की प्रक्रिया, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इससे छात्रों को बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार की योजना इस विश्वविद्यालय को एक प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान के रूप में विकसित करने की है। यह संस्थान न केवल शास्त्रीय संगीत और प्रदर्शन कलाओं में प्रशिक्षण देगा, बल्कि शोध के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने का कार्य भी करेगा। इससे प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को नया मंच और पहचान मिलने की उम्मीद है।