लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-एन निवासी कारोबारी दीपक अग्रवाल को साइबर जालसाजों ने शेयर कारोबार का झांसा देकर 3.27 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
दीपक ने बताया कि वह श्री इंटरप्राइजेज नामक संस्थान चलाते हैं। 2024-25 में व्यवसाय खराब होने से उन्हें आर्थिक तंगी थी। अक्तूबर 2025 में फेसबुक पर उनकी दोस्ती स्वीटी अहलावत से हुई। स्वीटी ने अपना असली नाम रीना अग्रवाल बताया। उसने खुद को डिजिटल गोल्ड मिरैकल कंपनी की मार्केटिंग मैनेजर और एडवाइजर बताया। कंपनी अमेरिका की है, जहां बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग की जाती है। उसने उन्हें आर्थिक मदद का भरोसा दिया। आरोपी ने बताया कि उसके पिता अजीत अहलावत, बहन मीनू और सुयोगा भी कंपनी में ट्रेडिंग करते हैं।
दबाव बनाकर कराया निवेश
दीपक का कहना है कि उन्होंने
पहले स्वीटी की बात को नजरअंदाज किया, लेकिन लगातार दबाव बनाने पर उन्होंने 25 नवंबर 2025 से आठ मई 2026 तक 3.27 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए। मुनाफा निकालने पर कंपनी ने आयकर, स्टांप शुल्क और सेटलमेंट टैक्स के नाम पर और रकम मांगी। मना करने पर स्वीटी ने अपने पिता को बीएसएफ में अधिकारी बताकर धमकाया। उसने फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया और उनके दोनों मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए।
इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बैंक से संपर्क कर रकम फ्रीज कराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आरोपियों का सुराग लगाया जा रहा है।