मलिहाबाद। हरदोई के बिलग्राम खतराना निवासी बीटेक छात्र शोभित राठौर (20) का शव शनिवार सुबह रहीमाबाद के कैथुलिया गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिला। उसकी मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
शोभित के पिता मेवालाल के अनुसार, शोभित जानकीपुरम स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक (केमिकल) के दूसरे वर्ष का छात्र था। वह कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। कुछ दिन की छुट्टी के बाद वह घर आया था। शुक्रवार शाम चार बजे वह लखनऊ जाने के लिए काशी विश्वनाथ ट्रेन पकड़ने निकला था। उसी शाम 7:30 बजे उसने घरवालों को लखनऊ के लिए रवाना होने की जानकारी दी थी।
मोबाइल फोन हो गया था बंद
देर रात मां सीता ने फोन किया तो उसका मोबाइल बंद था। शनिवार सुबह पिता मेवालाल ने हॉस्टल के दोस्तों से पूछा तो पता चला कि शोभित कॉलेज नहीं पहुंचा था। वहीं, सुबह छह बजे उसका शव रहीमाबाद रेलवे स्टेशन के आउटर पर पटरी के किनारे मिला। उसके पास मिले दस्तावेज की मदद से पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया।
मोबाइल, लैपटॉप व जूता मिला गायब
पिता मेवालाल ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया है। उन्होंने वहां पहुंचकर शव की पहचान की। पिता का आरोप है कि उनके बेटे का मोबाइल, लैपटॉप और जूते गायब थे। एक दोस्त ने आशंका जताई कि ट्रेन में मोबाइल और लैपटॉप देखकर किसी ने शोभित को धक्का दे दिया होगा। इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया छात्र की मौत ट्रेन से गिरने से हुई प्रतीत हो रही है। पुलिस अन्य सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है। पिता का कहना है कि शोभित ने बीटेक के पहले वर्ष में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए थे। परिवार में मां सीता, एक भाई और एक बहन हैं।