2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने 19 सीटें जीती थीं। अंबेडकरनगर जिले के उपचुनाव में पार्टी हार गई थी, जिससे उसके विधायकों की संख्या 18 रह गई। अलग-अलग समय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों की बात कहकर 9 विधायकों को निलंबित किया जा चुका है। लालजी वर्मा व राम अचल के निष्कासन से पार्टी में सिर्फ सात विधायक बचे हैं। एक और विधायक मुख्तार अंसारी को पार्टी भविष्य में चुनाव न लड़ाने का एलान कर चुकी है।
2007 के दिग्गज बस नाम मात्र के ही
2007 की बसपा सरकार में जिन दिग्गजों को मंत्री बनाया गया था उनमें आज नाम मात्र को ही बचे हैं। उस समय स्वामी प्रसाद मौर्य, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, चौधरी लक्ष्मी नारायण, लालजी वर्मा, नकुल दुबे, रामवीर उपाध्याय, ठाकुर जयवीर सिंह, बाबू सिंह कुशवाहा, फागू चौहान, दद्दू प्रसाद, वेदराम भाटी, सुधीर गोयल, धर्म सिंह सैनी, इंद्रजीत सरोज, राम अचल राजभर, राकेश धर त्रिपाठी, राम प्रसाद चौधरी और सुखदेव राजभर को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे गए थे। इनमें से आज नकुल दुबे, सुधीर गोयल व सुखदेव राजभर ही पार्टी में हैं।
शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली
सुखदेव राजभर
श्याम सुंदर शर्मा
उमाशंकर सिंह
मुख्तार अंसारी (इन्हें भी चुनाव न लड़ाने का एलान किया जा चुका है)
विनय शंकर तिवारी
आजाद अरिमर्दन