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बसपा नेता की सलाह, आंख दिखाना भी सीखें CM

Tue, 24 Jun 2014 08:31 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा में सोमवार को बजट पर चर्चा कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने जमकर एक दूसरे पर टिप्पणी की तो वहीं बसपा नेता ने सीएम को सलाह तक दे डाली।
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विधानसभा में नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कहा कि उनमें मुलायम सिंह यादव के सारे गुण-साम, दाम, दंड, भेद आ गए हैं। आंख दिखाना और आ जाए तो अच्छा रहेगा।

मौर्य के भाषण पर सत्ता पक्ष के लोग टीका टिप्पणी करते रहे। बिजली पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। पूछ लिया कि बसपा शासन में बिजली उत्पादन के लिए कितनी इकाइयां लगीं।
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मौर्य ने जब इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, लखनऊ को बजट में ज्यादा तरजीह देने का आरोप लगाया तो आजम खां ने कहा कि उनकी वजह से रामपुर का बजट कम कर दिया गया।
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सपा नेता को आया गुस्सा

बेसिक शिक्षा विभाग की आलोचना के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने टोका-टाकी की। अपराधों के आंकड़ों पर भी उन्हें टोका गया। एक समय ऐसा आया जब सपा के प्रदीप यादव उत्तेजित होकर सीट से उठ खड़े हुए।

वहीं चर्चा के दौरान भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना ने कहा कि सपा सरकार की बजट प्लानिंग अच्छी नहीं थी यदि बजट प्लानिंग के साथ आता तो नौजवानों का भविष्य उज्जवल करने वाली लैपटॉप वितरण जैसी योजनाओं को बंद न करना पड़ता।

साथ ही उन्होंने कंस्ट्र्क्शन मैटीरियल की महंगाई को देखते हुए विधायक निधि बढ़ाने की मांग भी की।

बसपा का जोरदार हमला

नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री को बैकफुट पर आना पड़ा। सपा के चुनाव घोषणा पत्र के वादे और लैपटॉप का झुनझुना बजट से गायब है।

लोकसभा चुनाव में युवा झांसे में नहीं आए तो सरकार ने लोकलुभावन योजनाएं बंद कर दीं। यह उनके साथ धोखा है।

चर्चा की शुरुआत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने सत्ता पक्ष की टोकाटाकी के बीच करीब दो घंटे तक सरकार की नाकामियां गिनाते हुए बजट को निराशाजनक, गांव, गरीब और किसान विरोधी बताया।

उन्होंने कहा, लैपटॉप, कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता, हमारी बेटी-उसका कल, साड़ी-कंबल जैसी योजनाओं से लोगों को धोखा दिया गया।
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बजट की इन कमियों पर की चर्चा

मौर्य ने ताना मारते हुए कहा कि ऊंट अब पहाड़ के नीचे आया है। काठ की हांड़ी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती।

उन्होंने बजट आवंटन के बाद ढाई साल में बैटरी रिक्शा की व्यवस्था न किए जाने पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने पिछले बजट की कई योजनाएं प्रारंभ न होने और बजट में क्षेत्र विशेष पर ज्यादा ध्यान देने का आरोप लगाया।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास के लिए कम धन देने और पश्चिमी की पूरी तरह उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया।
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