बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी समर्थकों को आगाह किया है कि वे काडर पर ज्यादा भरोसा करें न कि निजी स्वार्थ में बिक जाने वाले नेताओं पर। इस बयान के बाद माना जा रहा है बसपा विधानमंडल के पूर्व नेता लालजी वर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर की पार्टी में वापसी की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं है।
मायावती ने पार्टी के राज्य कार्यालय में विभिन्न समुदायों व वर्गों के वरिष्ठ लोगों के साथ लंबी बैठक की। लालजी व राम अचल को बसपा से निष्कासित करने के करीब 10 दिन बाद यह पार्टी की पहली महत्वपूर्ण बैठक थी।
इसमें मायावती ने कहा कि पार्टी के लोगों को उन नेताओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए, जो डॉ. अंबेडकर और पार्टी संस्थापक कांशीराम का नाम तो लेते हैं, पर निजी स्वार्थ में पार्टी को आघात पहुंचने से नहीं हिचकते और बिक जाते हैं। ऐसे लोग पार्टी से ज्यादा खुद का अहित करते हैं। इसका अहसास उन्हें बाद में होता है। पर, ऐसे लोगों से सावधान रहना जरूरी है।
माना जा रहा है कि मायावती का इशारा उक्त दोनों नेताओं की ओर ही था। इन नेताओं ने निष्कासन के बाद कहा था कि नेतृत्व की नजर में किसी ने गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की है। वह बसपा सुप्रीमो से मिलकर इसे दूर करने का प्रयास करेंगे और पार्टी में ही रहेंगे।