यूपी के शहरी इलाकों के मलिन व अल्पसंख्यक बहुल बस्तियों के गरीबों को अब आसरा आवासीय योजना में बड़े मकान मिलेंगे। इसके लिए सरकार ने आसरा योजना के क्षेत्रफल से संबंधित मानक में बदलाव किया है।
अब तक के मानक के अनुसार 18 वर्ग मीटर में ही आवास बनाने का प्रावधान था जिसे बढ़ाकर 22 वर्ग मीटर किया गया है।दरअसल, मौजूदा समय शहरी गरीबों के लिए यूपी सरकार की आसरा आवासीय योजना के अलावा केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)’ भी शुरू की गई है।
आसरा योजना के तहत कम लागत के रिहायशी मकान बनाकर लाभार्थियों को दिया जाना है। केंद्र की योजना भी लगभग इसी उद्देश्य से शुरू की गई है। दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की निगरानी में हो रहा है।
राज्य सरकार का सुझाव था कि केंद्र सरकार आसरा योजना के लिए भी आर्थिक मदद मुहैया कराए। इस संबंध में कुछ दिन पहले यूपी के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े केंद्रीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को रखा था।